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जितने दिन तकनीकी खराबी से बंद रहा Wifi उतने दिन मुफ्त में मिलेगा इंटरनेट, बस करना होगा यह काम

Wifi Compensation: कई बार लोग अपने घर में वाई-फाई लगाते हैं, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते कई दिनों तक वाई-फाई नहीं चलता है और वाई-फाई की फीस भी पूरी ले ली जाती है, जिससे यूजर को नुकसान झेलना पड़ता है. लेकिन अगर अब आपके घर का वाई-फाई कई दिनों तक तकनीकी खराबी की वजह से बंद रहता है, तो अब आपको उसका नुकसान अपनी जेब से नहीं उठाना पड़ेगा. टेलीकॉम रेगुलेटरी ऑफ इंडिया ने सेवा को बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं के अधिकारों को मजबूत करने के लिए नए नियम लागू किए हैं. इन नियमों के तहत इंटरनेट और टेलिकॉम कंपनियों को लंबे समय तक सेवा बाधित रहने की स्थिति में ग्राहकों को मुआवजा देना होगा.

खराबी ठीक करने में हुई देरी तो मिलेगा मुआवजा

नियमों के अनुसार अगर किसी फिक्स्ड लाइन या वाई-फाई कनेक्शन में तकनीकी खराबी आती है और कंपनी उसे तीन दिनों के अंदर ठीक नहीं कर पाती तो ग्राहक मुआवजे का हकदार होगा. ऐसी स्थिति में सेवा प्रदाताओं को प्रभावित अवधि के अनुसार ग्राहक को राहत देनी होगी. पोस्टपेड ग्राहकों को किराए में छूट दी जाएगी, जबकि प्रीपेड ग्राहको के कनेक्शन की वैधता बढ़ाई जाएगी. यानी जितने समय तक सेवा उपलब्ध नहीं रही, उसका लाभ ग्राहक को वापस मिलेगा. 

24 घंटे से ज्यादा नेटवर्क बंद रहा तो भी मिलेगा फायदा 

TRAI के मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं के मानकों के अनुसार अगर किसी जिले में नेटवर्क या सेवा 24 घंटे से ज्यादा समय तक बाधित रहती है, तो संबंधित कंपनी को ग्राहकों को मुआवजा देना होगा. नियमों के अनुसार अगर किसी दिन 12 घंटे से ज्यादा समय तक नेटवर्क बंद रहता है, तो उसे एक पूरा दिन माना जाएगा. इसी आधार पर पोस्टपेड यूजर्स को किराए में छूट और प्रीपेड ग्राहकों को एक्स्ट्रा वैधता दी जाएगी. कंपनी को यह लाभ नेटवर्क बहाल होने के एक सप्ताह के अंदर देना होगा. 

कंपनियों पर लगेगा भारी जुर्माना 

वहीं सेवा गुणवत्ता के मानकों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों पर अब पहले से ज्यादा सख्त कार्रवाई होगी. TRAI ने गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने पर जुर्माने की राशि बढ़ा दी है. नए नियमों के तहत अलग-अलग तरीके के उल्लंघन पर 1 लाख रुपये, 2 लाख रुपये, 5 लाख रुपये और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं गुणवत्ता मानकों को पूरी नहीं करने पर प्रति मानक 1 लाख रुपये तक की पेनल्टी का प्रावधान है. 

वेबसाइट पर दिखानी होगी नेटवर्क कवरेज 

उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल सेवा प्रदाताओं को अपनी वेबसाइट पर 2G, 3G, 4G और 5G नेटवर्क कवरेज मैप दिखाने होंगे. इससे ग्राहक यह जान सकेंगे कि उनके इलाके में कौन सी सेवा कितने बेहतर उपलब्ध है. इसके अलावा कंपनियों को अपने क्वालिटी ऑफ सर्विस प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी भी सार्वजनिक करनी होगी. ताकि उपभोक्ता सेवा की वास्तविक स्थिति को समझ सके.

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