इंटरनेट पर इंसानों से ज्यादा हो गए बॉट, अब नया कैप्चा सिस्टम लेकर आई गूगल

Google reCAPTCHA System: इंटरनेट पर इंसानों से ज्यादा बॉट्स हो गए हैं. एआई आने के बाद बॉट्स की संख्या तेजी से बढ़ी है और 27 अप्रैल को पहली बार इंटरनेट पर इंसानों से ज्यादा एआई बॉट्स का ट्रैफिक था. इसे देखते हुए गूगल ने नया reCAPTCHA System रोल आउट करना शुरू किया है. इसमें इंसानों को खुद को वेरिफाई करने के लिए कैमरा की तरफ अपना हाथ हिलाना होगा. इससे गूगल को यह पता चल जाएगा कि एक्सेस की रिक्वेस्ट कर रहा यूजर एआई बॉट न होकर इंसान है. आइए जानते हैं कि यह नया सिस्टम कैसे काम करेगा.
बॉट्स से पार पाने की कोशिश
कई बार बॉट्स गूगल के सुरक्षा उपायों को बाइपास कर जाते हैं. इसे रोकने के लिए गूगल यह नया तरीका लेकर आई है, जिसमें यूजर को डिवाइस कैमरा की तरफ हाथ हिलाकर खुद को वेरिफाई करना होगा. अगर इसके काम करने के तरीके की बात करें तो जैसे ही आपका सिस्टम स्टार्ट होगा, ब्राउजर कैमरा को एक्सेस करने की परमिशन मांगेगा. इसके बाद यह आपके हाथ की मूवमेंट को रिकॉर्ड कर गूगल को भेजेगा. इस वीडियो से सिस्टम यह कंफर्म कर पाएगा कि यूजर असली इंसान है.
नए सिस्टम में प्राइवेसी का भी खास ध्यान
गूगल ने कहा है कि यह फीचर ऑप्शनल है. यानी यह इमेज और ऑडियो चैलेंज को रिप्लेस नहीं करेगा. जो यूजर अपने हैंड मूवमेंट को रिकॉर्ड नहीं करना चाहते, वे पहले की तरह इमेज या ऑडियो चैलेंज को कंप्लीट कर खुद को वेरिफाई कर पाएंगे. जो यूजर इस नए सिस्टम को यूज करना चाहते हैं, गूगल का दावा है कि उनकी प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा गया है. गूगल ने कहा है कि हैंड मूवमेंट के वीडियो को यूजर की आइडेंटिटी के साथ लिंक नहीं किया जाएगा और न ही इस वीडियो में ऑडियो रिकॉर्ड होगा. साथ ही वेरिफिकेशन प्रोसेस कंप्लीट होने के बाद वीडियो को डिलीट कर दिया जाएगा.
गूगल क्यों ला रही है नया सिस्टम?
नया reCAPTCHA सिस्टम लाने के पीछे गूगल का तर्क है कि एआई पावर्ड बॉट्स ट्रेडिशनल CAPTCHA सिस्टम को आसानी से क्रैक कर लेते हैं. ट्रेडिशनल सिस्टम में इंसानों को खुद को वेरिफाई करने के लिए ट्रैफिक लाइट या स्कूल बस आदि को आइडेंटिफाई करना होता है. एआई बॉट्स इस चैलेंज को पलक झपकते ही पूरा कर लेते हैं. ऐसे में इस सिस्टम को बाइपास कर क्रिएट होने वाले फेक अकाउंट और ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए गूगल यह नया सिस्टम लेकर आ रही है.



