इजरायल ने लेबनान पर फिर बरसाए बम, आठ घंटे भी नहीं टिका युद्धविराम; ईरान ने होर्मुज किया बंद

नई दिल्ली। इजरायल ने हिजबुल्ला के साथ शुक्रवार को हुए युद्धविराम को तोड़ते हुए देर रात से ही भीषण बमबारी शुरू कर दी। इसमें 20 लोगों की मौत हो गई।
इजरायली कार्रवाई से नाराज ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर समझौते की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर दिया। आईआरजीसी ने भी साफ कर दिया कि गुजरनेवाले जहाजों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।
इस पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने आगाह किया कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर ईरान का नियंत्रण नहीं है और ये जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खुला है। उधर, इजरायली हमलों के चलते अमेरिका-ईरान के बीच हुआ समझौता टूटने की कगार पर पहुंच गया है।
अराघची के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भी रवाना हो गया है
उधर, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच अगले दौर की तकनीकी वार्ता रविवार को स्विट्जरलैंड में होगी। इसके लिए अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकाफ और जेरेड कुशनर स्विटजरलैंड पहुंच गए हैं।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भी रवाना हो गया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाली वार्ता में कतर के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे।
एपी के अनुसार, लेबनान में युद्धविराम टूटने के बाद ईरान के संयुक्त सैन्य कमान खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने कहा कि अमेरिका की बदनीयती और लेबनान में इजरायली हमले जारी रहने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य को अगले आदेश तक के लिए बंद किया जा रहा है।
कमान ने चेतावनी दी कि यदि हमले नहीं रुके तो आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जहाजों को होर्मुज के पास से नहीं गुजरने की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा करने पर उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं होगी।
ईरान का कहना है कि युद्ध-समाप्ति समझौते की पहली शर्त लेबनान में संघर्ष रोकना थी, लेकिन इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हमले जारी रखे और वहां से पीछे हटने से भी इन्कार किया।
फॉर्स न्यूज एजेंसी ने सैन्य कमान के हवाले से कहा कि इन परिस्थितियों में होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के गुजरने पर रोक लगाई गई है।रायटर के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने संकेत दिया कि जब तक अमेरिका समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करता, तब तक वार्ता में बड़ी प्रगति की संभावना कम है।
उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी सभी जिम्मेदारियां पूरी की हैं, लेकिन अमेरिका इजरायल पर दबाव बना पाने में विफल साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य दूसरे पक्ष से उसकी जिम्मेदारियां पूरी कराने की मांग करना है।
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, वाशिंगटन में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि विटकाफ और कुशनर स्विट्जरलैंड में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी प्रस्तावित वार्ता के तकनीकी पहलुओं पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह भी अगले कुछ दिनों में स्विट्जरलैंड जा सकते हैं।
लेबनान को लेकर आरोप प्रत्यारोप
अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति के तहत अगले 60 दिनों के दौरान तेहरान के परमाणु कार्यक्रम समेत तमाम मुद्दों पर बातचीत होनी है। बीते बुधवार को दोनों पक्षों ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान रोकने पर सहमति जताई थी।
शुक्रवार को भारतीय समयानुसार साढ़े छह बजे से इजरायल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम लागू हुआ था। इसमें अमेरिका और कतर ने इजरायल से बात की थी, जबकि ईरान ने हिजबुल्ला को हमले न करने के लिए तैयार किया था।
इजरायल ने हिजबुल्ला पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया। इजरायली सेना ने कहा कि हिजबुल्ला ने दक्षिणी लेबनान में शुक्रवार रात को करीब 50 राकेट दागे, जिसके जवाब में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमले किए गए।
इजरायली लड़ाकू विमान और ड्रोन लेबनान के इलाकों पर मंडराते देखे गए। उधर, हिजबुल्ला ने आरोप लगाया कि इजरायली सेनाएं अली अल ताहेर पहाड़ी इलाके में घुसपैठ की कोशिश कर रही थीं, जिसे रोकने के लिए हमले करने पड़े।
एक वरिष्ठ हिजबुल्ला अधिकारी ने कहा कि इजरायली सेना को लेबनानी इलाके में घूमने-फिरने की छूट नहीं दी जाएगी। हिजबुल्ला ने एक बयान में कहा कि वह युद्धविराम को लेकर प्रतिबद्ध है, लेकिन लेबनानी इलाके में इजरायली घुसपैठ या कब्जे की कोशिश को रोका जाएगा।
इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने एक्स पर लिखा कि लेबनान में सैन्य कार्रवाई और तेज की जाएगी। इससे पहले उन्होंने एक बयान में कहा था कि हर इजरायली मां की आंसू की एक बूंद के बदले पूरे लेबनान को जला डालना चाहिए।
इजरायल-हिजबुल्ला के बीच ये है टकराव इस साल 28 फरवरी को अमेरिका- इजरायल के ईरान पर हमले के बाद दो मार्च को हिजबुल्ला ने ईरान के समर्थन में इजरायल पर हमला बोल दिया था।
इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर तक के इलाके पर कब्जा करके उसे बफर जोन में बदलने का एलान किया है ताकि हिजबुल्ला के हमलों से उत्तरी इजरायल को बचाया जा सके।
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा की शर्त भी शामिल है। लेकिन इजरायल कब्जे वाले इलाके को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। इजरायली हमले में 3912 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 32 इजरायली सैनिक और चार नागरिक मारे गए हैं।
कतर संग मिलकर अमेरिका ईरानी फ्रीज फंड जारी करने में जुटा एएनआई ने वाल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से बताया कि कतर ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के फ्रीज अरबों डालर को रिलीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कतर के पास ईरान की छह अरब डॉलर रकम फ्रीज बताई जाती है। ये रकम मानवीय कार्यों पर खर्च की जा सकती है। ईरान का सेंट्रल बैंक इस पैसे का इस्तेमाल खाने-पीने की चीजें, दवाइयां और अन्य मानवीय जरूरतों की चीजें खरीदने के लिए कर सकेगा। बताया जाता है कि दुनियाभर में ईरान की 100 अरब डॉलर से ज्यादा रकम फ्रीज पड़ी हुई है।
वेंस का दावा, होर्मुज बंद नहीं, सेंटकॉम ने कहा- 55 जहाज गुजरे
अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है कि होर्मुज पूरी तरह बंद हो गया है। फाक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि तेल टैंकरों की आवाजाही जारी है।
उधर, न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमान (सेंटकाम) ने ईरान के दावे पर कहा कि शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट से 55 व्यापारिक जहाज गुजरे।
इनके जरिये 1.7 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल दुनियाभर में भेजा गया है और समुद्री मार्ग सुरक्षित बना हुआ है। इस बीच, भारतीय झंडा लगे तीन जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार कर गए हैं। इन पर 86 लाख टन सामान लदा हुआ है।



