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पश्चिमी दिल्ली के 3 मंजिला मकान में लगी आग, 13 साल के बच्चे की जलकर मौत

ख्याला: 13 साल के जसप्रीत का बड़ा फुटबॉल प्लेयर बनने का सपना था। सुबह जल्दी उठकर दोस्तों के साथ मैदान में खेलने के लिए अक्सर जाया करता था। उनके पिता बलजीत ने बताया कि जसप्रीत ने मंगलवार रात में यह कहा था कि पापा सुबह जल्दी जाना है फुटबॉल खेलने। इसलिए वह चाचा के साथ ग्राउंड फ्लोर पर ही सो जाएगा। उन्हें क्या पता था कि इस हादसे के बाद उनकी बेटे से मुलाकात जिंदगी में कभी नहीं हो पाएगी।

जब आग लगी तो जसप्रीत के चाचा गुरजीत ने आवाज लगाकर उसे उठाया, लेकिन जसप्रीत उठा और बोला 5 मिनट में उठ रहा हूं। इसी बीच गुरजीत ऊपर वाले फ्लोर में चले गए सबको देखने के लिए, क्या सब सुरक्षित हैं कि नहीं। परिवार के सभी लोग छत पर चले गए, इसी बीच जब जसप्रीत ऊपर नजर नहीं आया तो चाचा ने आवाज लगाई। देखा कि नीचे जबरदस्त आग लग चुकी थी। पता चला वह अंदर ही फंस चुका था, क्योंकि वह दोबारा सो गया।

जसप्रीत को बचाने के लिए पिता ने पड़ोसियों को लगाई थी आवाज

जसप्रीत को बचाने के लिए पिता बलजीत सिंह ने ऊपर से पड़ोसियों को आवाज लगाई। दरवाजे को तोड़ा गया और फिर जसप्रीत को वहां से निकाला गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। लोगों ने सीपीआर देकर रिकवर करने की कोशिश की, लेकिन नाकाम हुए फिर बाइक पर लेकर अस्पताल गए। वहां एक बार जसप्रीत को उल्टी हुई, लेकिन फिर भी उसकी सांस वापस नहीं लौटी। उसके बाद डॉक्टरों ने जसप्रीत को मृत घोषित कर दिया।

दादी का रोकर बुरा हाल

बड़े पोते जसप्रीत की मौत से दादी का रोकर बुरा हाल है। उन्हें अफसोस है कि सब बच गए, लेकिन बच्चे को नहीं बचा पाए। वह पोते से बहुत प्यार करती थी, क्योंकि जसप्रीत की मां काफी समय से उनके साथ नहीं रहती थी। दादी ने बताया कि उनका पोता फुटबॉल के साथ-साथ उसे सोना भी पसंद था। इसलिए जल्दी से वह नींद से उठता नहीं था।

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