उत्तरप्रदेश

अवैध कब्जों पर बुलडोजर एक्शन, 200 बीघा झील की जमीन कराई मुक्त, मजार भी ध्वस्त किया गया

 संभल: उत्‍तर प्रदेश के संभल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्‍जा करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। शनिवार को सिरसी-बिलारी रोड़ स्थित करीब 200 बीघा झील की भूमि पर वर्षों से किए गए कब्जों को हटाने के लिए राजस्व विभाग ने बुलडोजर कार्रवाई की। इस दौरान 80 बीघा कृषि भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। वहीं, 22 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बने एक अवैध मजार निर्माण को भी ध्वस्त कर दिया गया।

तहसील संभल के नगर पंचायत सिरसी में प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। दोपहर में शुरू हुई कार्रवाई देरशाम तक जारी रही। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और ग्रामीण मौजूद रहे। प्रशासन ने पूरे इलाके की पैमाइश नक्शे के आधार पर कराई और फिर चिन्हित अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया।


झील की जमीन पर खेती कर रहे थे कब्जाधारी

राजस्व विभाग के अनुसा,र कसा झील की करीब 200 बीघा भूमि पर आसपास के किसानों द्वारा लंबे समय से खेती की जा रही थी।इनमें से करीब 80 बीघा भूमि पर अवैध कृषि कब्जा पाया गया। प्रशासन का कहना है कि अधिकांश किसानों ने बिना विरोध के कब्जा हटा लिया और सरकारी भूमि खाली कर दी।


22 वर्गमीटर में बनी मजार भी हटाई गई

कार्रवाई के दौरान झील की जमीन पर बने एक पक्के मजार निर्माण को भी ध्वस्त किया गया। प्रशासन के मुताबिक यह निर्माण सरकारी भूमि पर अवैध रूप से किया गया था। बुलडोजर की मदद से निर्माण को पूरी तरह गिरा दिया गया। धारा 67 के तहत दर्ज था मामला तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मजार को लेकर न्यायालय में धारा 67 के तहत मामला दर्ज था। मजार के मुतवल्ली की मृत्यू के बाद किसी भी पक्ष ने न्यायालय में अपना दावा या अपत्ति प्रस्तुत नहीं की।


सरकारी जमीन पर कब्जे की अनुमति नहीं: तहसीलदार

तहसीलदार ने कहा कि झील की पूरी भूमि राजस्व अभिलेखों में सरकारी दर्ज है। कुछ लोगों ने खेती के जरिए कब्जा कर लिया था,जबकि एक छोटे हिस्से में धार्मिक निर्माण कर भूमि पर स्थायी कब्जे का प्रयास किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


दादा अलिफ शाह की मजार

मौके पर मौजूद कुछ स्थानीय लोगों का कहना था कि यह मजार दादा अलिफ शाह के नाम से जानी जाती थी। ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने बचपन से वहां मजार देखी थी और जुमेमरात के दिन कुछ लोग वहां पहुंचते थे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि भूमि सरकारी है तो प्रशासन अपनी कार्रवाई कर रहा है।


कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी

संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यपाक इंतजाम किए गए थे। राजस्व अधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती रही और पूरे अभियान की वीडियोग्राफी भी कराई गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।

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