बुलडोजर से तोड़े दिव्यांग महिला के मिट्टी के बर्तन, दुकान की तबाह, रुला देगा यह वीडियो

मुंबई : महाराष्ट्र से एक दिल दहला देनेवाली घटना सामने आई है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देखने वाले हर यूजर भावुक हो रहा है। वीडियो महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में बुलडोजर एक्शन का है। इस वीडियो में दिख रहा है कि बुलडोजर मिट्टी के बर्तनों को तोड़ रहा है। कुछ सरकारी कर्मी भी इन मिट्टी के बर्तनों को तोड़ते नजर रहे हैं। वहीं पास एक दिव्यांग महिला बेबस होकर इन मिट्टी के बर्तनों को टूटे टुकड़े बटोरती नजर आ रही है। उसकी आंखों में आंसू हैं। महिला की बेबसी देखकर हर कोई रो रहा है।
बताया जा रहा है कि छत्रपति संभाजीनगर के नगर निगम के अधिकारी अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे। इस अभियान के दौरान वह मिट्टी के बर्तनों की छोटी सी दुकान को तोड़ने पहुंचे। यह दुकान विकलांग अर्चना पारखे चलाती हैं। वह रोज मिट्टी की बर्तन बेचकर अपने परिवार का गुजारा करती थीं। पुरा परिवार इसी की कमाई पर निर्भर था।
आंखें नम कर देनेवाले वीडियो में क्या?
वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि JCB बुलडोज़र दुकान को कुचल रही है। मिट्टी के बर्तनों को फिर मिट्टी में मिलाया जा रहा है। दिव्यांग अर्चना बड़ी घबराहट में टूटे हुए बर्तनों को समेटने की कोशिश कर रही है। अर्चना दोनों हाथों से दिव्यांग है, वह ठीक से बोल नहीं सकती और देख नहीं सकती। फिर भी वह किसी तरह मिट्टी के बर्तन बेचकर परिवार पाल रही थी। ज़्यादातर लोगों के लिए यह सिर्फ़ दुकान का टूटना ही मायने नहीं रखता, बल्कि यह एक संघर्षरत महिला की गरिमा, उसकी कड़ी मेहनत और उसके गुज़ारे के एकमात्र साधन का विनाश है।
महीनों की मेहनत, झटके में की तबाह
अर्चना पारखे अपने परिवार के साथ मिलकर इन मिट्टी के बर्तनों को बनाती हैं। जिन्हें नगर निगम के अफसरों ने तोड़ा उन मिट्टी के बर्तनों को बनाने में उन्हें कई महीने लगे थे लेकिन अफसरों ने कुछ ही मिनटों में सब तबाह कर दिया। ऑनलाइन सामने आए वीडियो में उस दिव्यांग महिला को रोते हुए देखा जा सकता है, जो मलबे के बीच से अपने कुछ बर्तनों को बचाने की बेताब कोशिश कर रही थी।
इस वीडियो से लोगों की भावनाएं इतनी क्यों भड़क उठीं?
इस वीडियो के भावुक दृश्यों ने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर तेज़ी से वायरल होकर लोगों का ध्यान खींचा। कई यूज़र्स ने इस घटना पर अपना गुस्सा और दुख ज़ाहिर किया। बहुत से लोग यह समझना चाहते हैं कि अधिकारियों ने एक दिव्यांग महिला के प्रति हमदर्दी क्यों नहीं दिखाई, जबकि उसकी दुकान ही उसकी कमाई का एकमात्र जरिया थी।
इमरान प्रतापगढ़ी ने वीडियो शेयर कर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इस वीडियो को शेयर करके सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा देखिये शायद पलकें नम हो जाएं। महाराष्ट्र सरकार का अतिक्रमण विरोधी बुलडोज़र विकलांग महिला ‘अर्चना पारखे’ की मिट्टी के बर्तन की दूकान पर चल रहा है। अर्चना सड़क किनारे मिट्टी के बर्तन बेंचकर अपना घर चलाती हैं, धन्नासेठों को हजारों एकड़ जमीन कौड़ियों के भाव देने वाली सरकारों को इन गरीबों से इतनी नफरत है कि बुलडोजर लेकर उसकी दुकान तोड़ने पंहुच गए। सरकार का विकास अगर इतना क्रूर है तो लानत है ऐसे विकास पर। उन्होंने कहा कि हमारे साथी इस बहन के यथासंभव मदद लेकर पहुंचेंगे। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को टैग करके कहा जी थोड़ी भी इंसानियत बची हो तो दोषियों पर कार्यवाई करिए और इस महिला को सरकारी नौकरी दीजिए।
लोग बोले- जानवर भी दया भाव रखता है, तुम तो इंसान हो
कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने पारखे के लिए मुआवज़े और पुनर्वास की मदद की मांग की। वहीं, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने के अभियानों के दौरान अधिकारियों को ज़्यादा मानवीय रवैया अपनाना चाहिए, खासकर तब जब इसमें कमज़ोर या ज़रूरतमंद लोग शामिल हों। राजीव मीना नाम के यूजर ने लिखा, ‘कुछ तो दया का भाव रखो। जानवर भी दया भाव रखते हैं तुम तो फिर भी इंसान हो कुछ दिन का टाइम दे देते या हटवा देते। महिला कितनी बेबस नजर आ रही है जरा सा भी विरोध नहीं कर रही है। मरहम लगा सको तो किसी गरीब के जख्मों पर लगा देना, हकीम बहुत है बाजार में अमीरों के इलाज की खातिर।’



