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खुदाई में मिली सगे भाई-बहन की 1500 साल पुरानी कब्र, मौत के बाद भी नहीं छूटा साथ, DNA टेस्ट में खुलासा!

इतिहास के पन्नों में अक्सर राजाओं और युद्धों की कहानियां मिलती हैं, लेकिन कभी-कभी मिट्टी की गहराइयों से ऐसी मानवीय दास्तां निकलती है जो दिल को छू जाती है. ब्रिटेन के चेरिंगटन में कोट्सवोल्ड आर्कियोलॉजी (Cotswold Archaeology) के पुरातत्वविदों को खुदाई के दौरान एक ऐसी ही असामान्य एंग्लो-सैक्सन कब्र मिली है. 1,500 साल पुरानी इस कब्र ने वैज्ञानिकों को तब स्तब्ध कर दिया, जब इसमें एक छोटे लड़के और लड़की के अवशेष अगल-बगल दफन मिले. हाल ही में 21 अप्रैल को जारी डीएनए (DNA) परिणामों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि ये दोनों बच्चे आपस में सगे भाई-बहन थे.

ऑपरेशन नाइटिंगेल के तहत की गई इस खुदाई में जो सबसे भावुक कर देने वाली बात सामने आई, वह थी बच्चों को दफनाने का तरीका. कब्र में बड़ी बहन को अपने छोटे भाई की ओर मुख करके लिटाया गया था. पुरातत्वविदों का मानना है कि यह स्थिति केवल संयोग नहीं थी, बल्कि यह उनके बीच के ‘करीबी और देखभाल’ वाले रिश्ते को दर्शाती है. एंग्लो-सैक्सन काल में इस तरह का दफन मिलना बेहद दुर्लभ है, जहां एक ही समय में दो बच्चों को इतने प्यार और सावधानी से एक साथ लिटाया गया हो. यह उस समुदाय की संवेदनाओं को दर्शाता है, जिन्होंने इन बच्चों को अंतिम विदाई दी थी.

तलवार और वर्कबॉक्स का रहस्य
इस खोज में केवल कंकाल ही नहीं, बल्कि उनके साथ रखी गई चीजें भी बहुत कुछ बयान करती हैं. छोटे भाई के कंकाल के पास एक प्राचीन तलवार मिली है, जबकि बड़ी बहन के पास एक ‘वर्कबॉक्स’ (सिलाई-बुनाई या कलाकारी का डिब्बा) रखा गया था. एंग्लो-सैक्सन समाज में इन वस्तुओं का साथ दफनाया जाना बच्चों के सामाजिक रुतबे या परिवार की स्थिति की ओर इशारा करता है. तलवार बहादुरी या योद्धा वर्ग से संबंध का प्रतीक हो सकती है, वहीं वर्कबॉक्स घर के कामों में निपुणता या जिम्मेदारी का संकेत देता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये चीजें शायद इसलिए रखी गई थीं, ताकि दूसरी दुनिया में भी ये बच्चे अपनी पहचान के साथ रह सकें.

विज्ञान ने सुलझाई पहेली
कोट्सवोल्ड आर्कियोलॉजी के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्राचीन डीएनए विश्लेषण (Ancient DNA analysis) ने इस गुत्थी को सुलझाने में मुख्य भूमिका निभाई है. बिना वैज्ञानिक प्रमाण के यह कहना मुश्किल था कि वे भाई-बहन ही थे, लेकिन अब यह पुख्ता हो गया है कि मौत ने भी इस पारिवारिक बंधन को टूटने नहीं दिया. उनके शवों की स्थिति को देखकर यह स्पष्ट होता है कि इन दोनों को एक साथ ही दफनाया गया था, जो एंग्लो-सैक्सन कब्रिस्तानों के संदर्भ में बहुत ही असामान्य बात है. आमतौर पर कब्रों में शवों को अलग-अलग या अलग समय पर दफनाया जाता है, लेकिन यहां उन्हें समकालीन (Contemporary) तरीके से एक साथ रखा गया था. यह खोज एंग्लो-सैक्सन जीवन और उनकी मान्यताओं के बारे में नई जानकारी प्रदान करती है.

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