Biz Updates: रेंज रोवर 22 फीसदी सस्ती होगी; संगठित क्षेत्र में नौकरी बढ़ने का दावा; विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10 मई को समाप्त हफ्ते में 4.55 अरब डॉलर बढ़कर 648.7 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। लगातार तीसरा सप्ताह है, जब भंडार में तेजी आई है। इससे पहले 5 अप्रैल के हफ्ते में यह रिकॉर्ड 648 अरब डॉलर के पार रहा था। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 10 मई के हफ्ते में विदेशी मुद्रा संपत्ति 3.36 अरब डॉलर बढ़कर 569 अरब डॉलर पर पहुंच गई। सोने का भंडार 1.24 अरब डॉलर तेजी के साथ 57.19 अरब डॉलर रहा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास रिजर्व 16.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.32 अरब डॉलर पर रहा। विशेष निकासी अधिकार के तहत 18.16 अरब डॉलर का रिजर्व रहा है।
भारत में बनेगी रेंज रोवर, 22 फीसदी तक होगी सस्ती
जगुआर लैंड रोवर यानी जेएलआर भारत में रेंज रोवर और रेंज रोवर स्पोर्ट का उत्पादन करेगी। स्थानीय उत्पादन के साथ दोनों मॉडल की कीमत 18-22 प्रतिशत तक कम हो सकती है। 54 साल के इतिहास में पहली बार ब्रिटेन के बाहर इसका उत्पादन होगा। कंपनी का मालिकाना हक टाटा मोटर्स के पास है। स्थानीय उत्पादन से रेंज रोवर स्पोर्ट की कीमत इस साल अगस्त से 1.40 करोड़ रुपये होगी। अभी यह 1.90 करोड़ में आती है। रेंज रोवर का दाम 2.60 करोड़ होगा। अभी यह 3.3 करोड़ रुपये है।
वित्त मंत्रालय ने कहा, संगठित क्षेत्र में बढ़ रही नौकरियां, घट रही बेरोजगारी दर
अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को देशों के बीच तनाव से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वित्त मंत्रालय ने कहा, देश की मजबूत जीडीपी से चुनौतियों का सामना करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, चालू वित्त वर्ष में वृद्धि की रफ्तार बनाए रखने में भी मदद मिलनी चाहिए। आर्थिक संकेत मजबूत हैं। मार्च तिमाही में जीडीपी के सात फीसदी से ज्यादा की दर से बढ़ने की उम्मीद भी है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कहा, संगठित क्षेत्र में नौकरियां बढ़ रही हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में लोगों की संख्या का बढ़ना इस तरफ इशारा भी करता है। जनवरी-मार्च तिमाही में शहरी बेरोजगारी दर में सालाना आधार पर गिरावट आई है। खुदरा महंगाई अप्रैल में 4.83 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह पिछले 11 महीनों में सबसे कम है। बाहरी मोर्चे पर वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार आरामदायक स्थिति में है। रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 के अप्रैल-फरवरी में सरकारी पूंजीगत खर्च के मजबूत रुझान व चालू वित्त वर्ष के बजट में परिलक्षित राजकोषीय योजनाओं ने कर्ज स्थिरता से जुड़ी चिंताएं दूर कर दी हैं। वृद्धि, मूल्य स्थिरता और राजकोषीय प्रबंधन सहित भारत की वृहत आर्थिक ताकत के अहम स्तंभ मजबूत हैं। घरेलू विनिर्माण को मजबूत बाहरी समर्थन भी मिलेगा। अप्रैल 2024 में मजबूत निर्यात वृद्धि से संकेत मिलता है कि सेवा व्यापार में आई रफ्तार 2024-25 में भी कायम रहेगी।
अब तक 262 लाख टन गेहूं की खरीद, पिछले साल से ज्यादा
गेहूं की खरीद विपणन वर्ष 2024-25 में पिछले साल से ज्यादा 262.48 लाख टन पहुंच गई है। पिछले साल 262.02 लाख टन खरीदी हुई थी। पंजाब-हरियाणा में अच्छी खरीद से वृद्धि हुई है। इस खरीद के एवज में 22.31 लाख किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में 59,715 करोड़ का भुगतान किया गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में 124.26 लाख टन, हरियाणा में 71.49 लाख टन व मध्य प्रदेश में 47.78 लाख टन खरीद हुई है। राजस्थान में 9.66 लाख टन व यूपी में 9.07 लाख टन खरीद की गई।



