‘मैं शांतिदूत हूं, मैंने आठ युद्ध रुकवाए’, अब ईरान के साथ भी ऐतिहासिक डील के बेहद करीब-ट्रंप

एएनआई, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को खुद को शांतिदूत बताया और दावा किया कि उन्होंने आठ युद्धों का निपटारा किया है, जिसमें भारत-पाकिस्तान के बीच का संघर्ष भी शामिल है, जिससे 30 से 50 मिलियन लोगों की जान बचाई जा सकी।
ट्रंप ने साथ ही ईरान के साथ शांति समझौते को बहुत करीब बताया, लेकिन तेहरान ने उनके परमाणु सामग्री हस्तांतरण संबंधी दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
हरान के साथ अब कोई अड़चन नहीं बची – ट्रंप
ट्रंप ने एएफपी को दिए एक संक्षिप्त टेलीफोन साक्षात्कार में कहा कि हम बहुत करीब हैं। ऐसा लगता है कि यह सबके लिए बहुत अच्छा होगा। समझौते के बहुत करीब हैं। तेहरान के साथ अब कोई अड़चन नहीं बची है।
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से ही खुल चुका है और यह दोबारा बंद नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य खुलने वाला है, यह पहले से ही खुला हुआ है। और सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है।
ट्रंप की ये टिप्पणियां उनके ट्रुथ सोशल पर पोस्ट्स की श्रृंखला के बाद आईं, जिसमें उन्होंने होर्मुज को फिर से खोलने की प्रगति का जश्न मनाया। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने होर्मुज को हथियार के रूप में इस्तेमाल न करने पर सहमति जताई है।
ईरान का साफ इनकार
ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। तेहरान ने स्पष्ट कहा कि उसका समृद्ध यूरेनियम का भंडार कहीं भी स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि परमाणु सामग्री सौंपने का कोई समझौता नहीं हुआ है।
ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य का पुनः खुलना एक ईरानी पहल है और इसमें कुछ शर्तें शामिल हैं। तेहरान के अनुसार, बातचीत अभी शुरुआती चरण में है और इसमें कई बड़े मुद्दे बाकी हैं।



