गर्भ के अंदर ऐसा दिखता है बच्चा, सामने आया अल्ट्रासाउंड वीडियो, गहरी चिंता में डूबा दिखा बेबी

मां के गर्भ में बच्चे का पलना प्रकृति का सबसे बड़ा चमत्कार माना जाता है. नौ महीनों तक मां के पेट में सुरक्षित रहते हुए बच्चा धीरे-धीरे विकसित होता है. पहले सिर्फ मां ही इस अनुभव को महसूस कर पाती थी, लेकिन आज आधुनिक तकनीक अल्ट्रासाउंड और 4D इमेजिंग के जरिए हम गर्भ के अंदर बच्चे की झलक देख सकते हैं.
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा अल्ट्रासाउंड वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखकर लाखों लोग हैरान और भावुक हो गए हैं. वीडियो में दिख रहा है कि गर्भ में पल रहा बच्चा आंखें बंद किए, चेहरा थोड़ा सिकुड़ा हुआ और जैसे गहरी चिंता में डूबा हुआ है. इस रियल फुटेज को लाखों बार देखा जा चुका है.
गर्भ में ऐसा आता है नजर
वीडियो पर कई यूजर्स ने कमेंट किया कि “बेबी को क्या हो गया, इतना उदास क्यों लग रहा है?” कुछ ने तो मजाक में लिखा “शायद बेबी को बाहर आने का डर लग रहा है”. लेकिन चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार यह वीडियो बच्चे की सामान्य गतिविधि या मां की भावनाओं को प्रतिबिंबित कर सकता है. वैज्ञानिक रूप से गर्भ में बच्चा 20 सप्ताह के बाद मां की आवाज, छुअन और भावनाओं को महसूस करने लगता है. अगर मां तनाव में हो, उदास हो या ज्यादा खुश हो तो बच्चा भी उसका असर महसूस करता है. कई अध्ययनों में पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान मां का स्ट्रेस हार्मोन (कोर्टिसोल) प्लेसेंटा के जरिए बच्चे तक पहुंच सकता है. इसलिए डॉक्टर मांओं को सलाह देते हैं कि वे पॉजिटिव और खुशहाल रहें.
आधुनिक तकनीक ने किया चमत्कार
अल्ट्रासाउंड वीडियो में बच्चे के चेहरे की अभिव्यक्ति देखना सामान्य है. 4D अल्ट्रासाउंड में बच्चे के चेहरे की रियल टाइम मूवमेंट साफ दिखती है. कभी बच्चा मुस्कुराता दिखता है, कभी मुंह बनाता है, तो कभी हाथ-पैर हिलाता है. “चिंता भरा” चेहरा अक्सर बच्चे की नींद की स्थिति या प्रोफाइल एंगल के कारण लगता है. कुछ मामलों में बच्चा अल्ट्रासाउंड प्रोब की वजह से हल्का असहज भी महसूस कर सकता है. सोशल मीडिया पर यह वीडियो लाखों बार देखा जा चुका है. यूजर्स अपनी प्रेग्नेंसी जर्नी शेयर कर रहे हैं और बताते हैं कि उनके अल्ट्रासाउंड में भी बच्चे ने अलग-अलग एक्सप्रेशन दिखाए थे. एक मां ने लिखा, “मेरा बेबी भी ऐसे ही लग रहा था, लेकिन जन्म के बाद बहुत खुशमिजाज निकला.” दूसरे ने कहा, “यह देखकर लगता है कि गर्भ में भी बच्चा हमारी तरह महसूस करता है.” गर्भावस्था विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि अल्ट्रासाउंड पूरी तरह सुरक्षित है. यह बच्चे के विकास, हार्टबीट, प्लेसेंटा की स्थिति और किसी भी असामान्यता की जांच के लिए किया जाता है.
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