उत्तरप्रदेश

कानपुर में ‘किडनी कांड’ का खुलासा, प्राइवेट अस्पताल में चल रहा खतरनाक रैकेट

कानपुर। कल्याणपुर के एक निजी अस्पताल में अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट का मामला सामने आया है। सोमवार की दोपहर पुलिस के पास इस बात की शिकायत पहुंची तो जांच शुरू हुई। शुरुआती जांच में पुलिस को किडनी चोरी से जुड़े तथ्य भी मिले हैं। पुलिस ने बड़ी गड़बड़ी की आशंका के बाद अस्पताल के संचालक, दलाल समेत चार से पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। इसके अलावा शहर और शहर के बाहर दूसरे जनपदों में करीब आधा दर्जन स्थानों पर पुलिस की छापेमारी कर रही है।

मामला कल्याणपुर के अंबेडकरपुरम कम्युनिटी सेंटर के पास स्थित मेडलाइफ हास्पिटल से जुड़ा है। अस्पताल का संचालन रामप्रकाश कुशवाहा और राजा तिवारी संयुक्त रूप से करते हैं। अति विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक यहां पर शिवम नाम का एक दलाल पिछले दिनों मरीज लेकर आया था। मरीज की किडनी खराब थी, जिसका ट्रांसप्लांट होना था। इसके बाद मरीज को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए केशवपुरम स्थित आहूजा मेडिकल सेंटर लाया गया, जहां आपरेशन हुआ। शहर में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा और अनुमति केवल एक निजी अस्पताल के पास है।

निजी अस्पताल में अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट की खबर पुलिस के पास पहुंची तो मामले में जांच शुरू हुई। पुलिस ने सबसे पहले दलाल शिवम और आहूजा मेडिकल सेंटर के मालिक सुरजीत सिंह आहूजा को हिरासत में लिया। इसके बाद सीएमओ डाक्टर हरिदत्त नेमी से स्वास्थ्य विभाग की टीम मांगी गई। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों ने शहर और शहर के बाहर कई स्थानों पर छापेमारी शुरू की। पुलिस को आशंका है कि दोनों अस्पताल अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट के साथ ही किडनी चोरी में भी शामिल है, क्योंकि सवाल यह है कि ट्रांसप्लांट के लिए किडनी कहां से मिल रही थीं। कुछ मामले प्रकाश में आने की सूचना है, जिन्हें पुलिस पुष्ट कर रही है।

स्वास्थ्य विभाग व पुलिस के अधिकारियों ने इस संबंध में बात करने से मना कर दिया है। लेकिन उन्होंने इस बात के संकेत जरूर दिए हैं कि मामला गंभीर है। जांच हो रही है। पुलिस को इन स्थानों से भी बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस मंगलवार को इस मामले से पर्दा हटा सकती है।

बड़ी और मिली-जुली साजिश की आशंका

इस मामले में देर रात दैनिक जागरण की टीम मेडलाइफ हास्पिटल पहुंची। काफी मशक्कत के बाद दैनिक जागरण की टीम को अस्पताल में उक्त मरीज मिल गया, जिसे लेकर यह सब जांच चल रही है। मरीज ने अपना नाम आयुष और मेरठ का रहने वाला बताया। यह भी बताया कि उसे किडनी उसके ही नजदीकी रिश्तेदार ने दी है। इसके अलावा मरीज ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देकर बात करने से मना कर दिया। हमारी टीम की बातचीत अस्पताल में एक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को अस्पताल संचालक और अपना नाम रामप्रकाश कुशवाहा बताया।

रामप्रकाश के मुताबिक कुछ दिनों पहले ही उनके पहले ही उनके अस्पताल का समझौता आरोही अस्पताल से हुआ था। आरोही अस्पताल के कहने पर उन्होंने उक्त मरीज की इलाज शुरू किया। मरीज रविवार देर रात ढाई बजे लाया गया। विवाद बढ़ने पर उन्हें पता चला कि मरीज का आपरेशन आहूजा अस्पताल में हुआ था। अन्य जानकारी उन्हें नहीं है। हालांकि इस संबंध में चौकाने वाली बात यह है कि मरीज को मेडलाइफ हास्पिटल लाने के लिए जो मेमो, आवश्यक दस्तावेज व प्रक्रिया चाहिए थी, उसे पूरा नहीं किया गया।

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