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कभी अंबानी की एंटीलिया से ऊंची बिल्डिंग में रहते थे विजयपत सिंघानिया, अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए

नई दिल्‍ली: रेमंड को ग्लोबल ब्रांड बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का निधन हो गया है। विजयपत सिंघानिया ने साल 1980 में रेमंड की बागडोर संभाली थी। उनकी अगुवाई में इस ग्रुप में जबरदस्त बदलाव आया। उन्होंने पारंपरिक ऊनी कपड़ों के उत्पादन से आगे बढ़कर सिंथेटिक कपड़ों, डेनिम और यहां तक कि हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी कदम रखा। उनकी लीडरशिप में रेमंड को एक छोटी सी मिल से एक ग्लोबल साम्राज्य में बदलने में सफलता हासिल की। आज रेमंड ग्रुप का बिजनेस कपड़ा, रियल एस्टेट, इंजीनियरिंग और कंज्यूमर केयर जैसे क्षेत्रों में फैला है। रेमंड लिमिटेड इसकी फ्लैगशिप कंपनी है।

विजयपत सिंघानिया की गिनती कभी देश के टॉप रईसों में होती थी। वह मुंबई में जेके हाउस में रहते थे जो मुकेश अंबानी के एंटीलिया से भी ऊंची बिल्डिंग है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ एक जमाने में 12,000 करोड़ रुपये थी। लेकिन उनकी जिंदगी में साल 2015 में एक बड़ा मोड़ आया। उन्होंने रेमंड लिमिटेड में अपनी पूरी हिस्सेदारी यानी करीब 37 प्रतिशत शेयर अपने बेटे गौतम सिंघानिया को ट्रांसफर कर दिए। उस समय केवल उन शेयरों की कीमत 1,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई थी।

क्यों हुआ विवाद?

लेकिन इसके तुरंत बाद बाप-बेटे के रिश्तों में दरार आ गई। माना जाता है कि यह विवाद एक फ्लैट को लेकर शुरू हुआ था। विजयपत सिंघानिया उस फ्लैट को बेचना चाहते थे, लेकिन गौतम इसके लिए तैयार नहीं थे। विवाद इतना बढ़ गया कि विजयपत सिंघानिया मालाबार हिल में स्थित 37 मंजिला जेके हाउस को छोड़कर किराए के मकान में रहने लगे। उन्होंने अपने बेटे गौतम पर घर के साथ-साथ कार और ड्राइवर जैसी सुविधाएं भी छीनने का आरोप लगाया था। यहां तक कि उन्हें अपने नाम के साथ चेयरमैन एमेरिटस लिखने तक से रोक दिया गया।

  • रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का मुंबई में निधन हो गया है
  • उन्होंने रेमंड को देश और दुनिया में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई
  • विजयपत सिंघानिया की गिनती कभी देश के टॉप रईसों में हुआ करती थी
  • 2015 में उन्होंने रेमंड में अपनी हिस्सेदारी अपने बेटे गौतम को ट्रांसफर की
  • गौतम के साथ विवाद के कारण विजयपत को अपना घर छोड़ना पड़ा था

विजयपत सिंघानिया की नेटवर्थ कितनी थी, यह बताना मुश्किल है क्योंकि वह अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा पहले ही अपने बेटे को सौंप चुके थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विजयपत सिंघानिया के बेटे और रेमंड ग्रुप के सीएमडी गौतम सिंघानिया की नेटवर्थ 11,000 करोड़ रुपये से अधिक है। लेकिन विजयपत सिंघानिया अपने पीछे ऐसी विरासत छोड़ गए हैं जो आज देश और दुनिया में घर-घर में पहचाना जाता है। उनके निधन के साथ ही कॉरपोरेट जगत में एक युग का अंत हो गया है।

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