अंतर्राष्ट्रीय

होर्मुज और खार्ग पर कब्जे की होड़: सेना उतारने की तैयारी में अमेरिका, ईरान बिछा रहा बारूद

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच पिछले 28 दिनों से जारी सैन्य संघर्ष अब खार्ग और होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जे की होड़ पर आकर टिक गया है। ईरान को समझौते पर राजी करने के लिए अमेरिका ने इन दोनों अहम क्षेत्रों पर दबाव बढ़ा दिया है।

अमेरिका ने जहां हजारों की संख्या में सैनिकों का जमावड़ा कर होर्मुज और खार्ग की घेरेबंदी कर दी है, वहीं ईरान ने भी अमेरिका से दो-दो हाथ करने में कसर नहीं छोड़ रखी है। ईरान ने होर्मुज में बारूदी सुरंगे बिछाने से लेकर खार्ग द्वीप में सैनिकों और सामरिक संसाधनों की तैनाती बढ़ाकर अमेरिका को चुनौती दे दी है।

क्या है ईरान का प्लान?

होर्मुज से निकलनेवाले जहाजों से अब तक शुल्क न लेनेवाले ईरान ने टोल टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है। उधर, इजरायल ने बड़ा दावा किया है कि उसके हमले में रिवोल्यूशनरी गार्ड के नौसेना कमांडर कमोडोर अलिरेजा तंगसीरी को मारने का दावा किया है।

हालांकि, ईरान की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए जल्दी समझौता करने को कहा है। वहीं, ईरान का दावा है कि अमेरिका ने युद्धविराम के लिए एकतरफा और पक्षपाती प्रस्ताव भेजे हैं, फिर भी कूटनीतिक चैनल से बातचीत जारी रखेंगे।

समझौते को लेकर कूटनीतिक तैयारियों के बीच, ईरान की तरफ से इजरायल समेत पश्चिम एशिया के तमाम देशों पर मिसाइलों और ड्रोन हमले जारी रहे। यमन आधारित हाउती विद्रोहियों ने ईरान का समर्थन करते हुए एलान किया कि जरूरत पड़ी तो लाल सागर में स्थित बाब अल मंदाब जलडमरूमध्य को बंद करके जहाजों के आवागमन पर रोक लगा दी जाएगी। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के प्रयास तेज हो गए हैं।

अमेरिका की 15 शर्ते 

अमेरिका ने जहां ईरान के पास 15 बिंदुओं का प्रस्ताव भेजा है, वहीं ईरान ने अमेरिका को अपनी पांच मांगों से अवगत करा दिया है। इस बीच इजरायल ने आशंका जताई है कि ईरान के साथ समझौता वार्ता विफल हो सकती है क्योंकि ईरान शायद ही अमेरिकी की कठोर शर्तों पर समझौता करे।

अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाना तेज कर दिया है और अमेरिकी सेना का भारी भरकम जमावड़ा ईरान के इर्द-गिर्द जमा कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि समझौता वार्ता सफल बनाने के लिए अमेरिकी की ये दबाव की रणनीति है।

व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि ईरान के साथ सार्थक बातचीत जारी है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका से सीधे कोई बात नहीं हो रही और कूटनीतिक चैनलों के जरिये ही संदेशों का आदान प्रदान हो रहा है। ईरान की वेनेजुएला जैसी घेरेबंदी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के लगभग 1,000 पैराट्रूपर एंफीबियस त्रिपोली पर तैनात कर दिए गए हैं।

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