बड़ा खुलासा: बच जाती सबकी जान! अगर ईरान मान लेता भारत की बात, अमेरिका नहीं डुबा पाता IRIS Dena जहाज

Iranian warship IRIS Dena Attacked by US submarine torpedo: ईरानी फ्रिगेट आईआरआईएस डेना को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. आईआरआईएस डेना को अमेरिकी टॉरपीडो नहीं डुबो पाता, अगर ईरान भारत की बात मान लेता. जी हां, ईरानी जहाज पर अटैक से पहले ही भारत ने उसे पनाह देने की पेशकश की थी. ईरान का दूसरा जहाज आईआरआईएस लवन अब भारत की पनाह में है. उसे कोच्चि पोर्ट पर डॉक किया गया. आईआरआईएस डेना पर अटैक में 87 लोगों की मौत हुई है और कई लापता हैं.
IS Dena को भारत में रुकने की सलाह दी गई थी.
Iranian Warship IRIS Dena sunk by US: हिंद महासागर में अब भी ईरानी फ्रिगेट खड़ा होता या फिर सुरक्षित ईरानी जलक्षेत्र में होता. आज उस ईरानी जहाज आईआरआईएस डेना में सवार सभी लोग जिंदा होते. जी हां, ईरान का आईआरआईएस डेना (IRIS Dena) आज भी अमेरिकी अटैक से सुरक्षित होता. अमेरिका का टॉरपीडो उसका बाल भी बांका नहीं कर पाता. किसी की जान भी नहीं जाती. बस ईरान केवल भारत की एक बात मान लेता. दरअसल, ईरानी फ्रिगेट को लेकर बड़ा खुलासा है. अमेरिकी सबमरीन के अटैक से पहले ही भारत ने ईरानी जहाज को पनाह देने की पेशकश की थी. भारत ने कहा था कि अभी जहाज मत ले जाओ. युद्ध जैसे हालात हैं. अभी जाना सही नहीं होगा. मगर किसे पता था कि ईरानी आईआरआईएस डेना जब अपने घर लौट रहा होगा तो अमेरिकी सबमरीन अपने टॉरपीडो से अटैक कर उसे डुबो देगा.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, श्रीलंका के पास अमेरिकी सबमरीन ने ईरानी फ्रिगेट आईआरआईएस डेना (IRIS Dena) को डुबोया था. मगर उससे ठीक पहले ही भारत ने उसे अपने एक पोर्ट पर पनाह देने की पेशकश की थी. बताया गया कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत की ओर से सेफ हार्बर का ऑफर दिया गया था. अमेरिका और ईरान के बीच दुश्मनी 28 फरवरी को शुरू हुई, जब इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर एयर स्ट्राइक की और खामेनेई को मार डाला.
आईआरआईएस डेना पर कब अटैक हुआ था?
दरअसल, आईआरआईएस डेना भारत आया था. वह 25 फरवरी को खत्म हुए इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) और MILAN-2026 एक्सरसाइज में हिस्सा लेने के बाद विशाखापत्तनम से निकला था. 4 मार्च की सुबह अमेरिका ने टॉरपीडो से अटैक कर उसे डुबो दिया. इंडियन नेवी के मुताबिक, वॉरशिप गाले से 20 नॉटिकल मील पश्चिम में ऑपरेट कर रहा था.



