वेनेजुएला से भारत आ रहे ऑयल टैंकर, तीन कार्गो शिप में 20 लाख बैरल तेल, इंटरनेशनल ट्रेड में बड़ा बदलाव!

नई दिल्ली: वेनेजुएला ने भारत को बड़े पैमाने पर तेल का एक्सपोर्ट करना शुरू कर दिया है। 2 मिलियन (20 लाख) बैरल तक कच्चा तेल ले जाने वाले बड़े टैंकर भारतीय तटों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे वेनेजुएला और अमेरिका के बीच हुई सप्लाई डील के बाद ट्रेड फ्लो में एक बड़ा बदलाव नजर आता है। दक्षिण अमेरिकी देश से एक्सपोर्ट करने के लिए बहुत बड़े क्रूड कैरियर (VLCC) किराए पर लिए हैं। इस कदम से भारत में डिलीवरी बढ़ेगी। यहां बता दें कि VLCC ग्लोबल शिपिंग के वो बड़े जहाज़ हैं, स्वेजमैक्स टैंकरों से लगभग दोगुना और अफ्रामैक्स से लगभग चार गुना ज्यादा सामान ले जा सकते हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक विटोल और ट्रैफिगुरा के किराए पर लिए गए तीन VLCC– निसोस केआ, निसोस किथनोस और अरजाना को सरकारी तेल कंपनी PDVSA के जोस टर्मिनल पर मार्च के लोडिंग स्लॉट दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक तीनों भारत जा रहे हैं। एक और सुपरटैंकर ओलंपिक लायन भी वेनेजुएला पहुंचने वाला है। इस पूरी डेवलपमेंट के बाद अब अगले महीने से बड़े कार्गो के कारण ट्रांसपोर्टेशन का खर्च कम होने और डिलीवरी की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
वेनेजुएला के क्रूड का कभी तीसरा सबसे बड़ा खरीदार था भारत
भारतीय रिफाइनर्स के लिए यह डेवलपमेंट एक जरूरी समय पर हुआ है। 2019 में US बैन लगने से सप्लाई रुकने से पहले भारत कभी वेनेज़ुएला क्रूड का तीसरा सबसे बड़ा खरीदार था। अब, जब अमेरिका नए लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क के तहत पाबंदियों में ढील दे रहा है तो ट्रेड फिर से बढ़ रहा है। US की बड़ी कंपनी शेवरॉन ने दिसंबर 2023 के बाद हाल ही में अपना पहला वेनेजुएला क्रूड कार्गो रिलायंस इंडस्ट्रीज को बेचा है। बोस्कैन हेवी क्रूड शिपमेंट लगभग 6 सालों में पहली ऐसी बिक्री है। सूत्रों ने बताया कि रिलायंस ने विटोल से 2 मिलियन बैरल का कार्गो भी खरीदा है और PDVSA से सीधे खरीदने के बारे में सोच रही है।
क्या रूसी तेल सप्लाई में डायवर्सिटी लाना चाहता है भारत?
ट्रेडिंग हाउस ने वेनेजुएला का हेवी क्रूड इंडियन ऑयल कॉर्प, भारत पेट्रोलियम कॉर्प और HPCL मित्तल एनर्जी को भी बेचा है। कहा जा राह है कि भारत क्रूड सोर्सिंग में डायवर्सिटी लाना चाहता है और रूसी सप्लाई पर डिपेंडेंस कम करना चाहता है। भारत के रिफाइनर वेनेजुएला के डिस्काउंटेड हेवी क्रूड की तरफ अट्रैक्ट हो रहे हैं, हालांकि ट्रेडर्स ने नोट किया है कि प्राइस डायनामिक्स, खासकर ग्लोबल मार्केट में बैकवर्डेशन-ने मार्जिन कम कर दिया है। फिर भी, बड़े कार्गो से फ्रेट प्रेशर कम हो सकता है और इकोनॉमिक्स में सुधार हो सकता है।
जानें, कितना बढ़ गया वेनेजुएला का ऑयल एक्सपोर्ट?
साल 2026 की शुरुआत में वनेजुएला का ज्यादातर क्रूड एक्सपोर्ट मीडियम-साइज के टैंकरों में US रिफाइनरियों या कैरिबियन स्टोरेज हब में भेजा गया था। अब VLCCs में शिफ्ट एक लॉजिस्टिक अपग्रेड दिखाता है। पाबंदियों में राहत के बाद जनवरी में वेनेजुएला का ऑयल एक्सपोर्ट दिसंबर में लगभग 500,000 bpd से बढ़कर लगभग 800,000 बैरल प्रति दिन हो गया। हालांकि, इस तेज उछाल के कारण स्टोरेज में लाखों बैरल बिना बिके रह गए हैं। यह वह वॉल्यूम है, जिसे भारत के रिफाइनर एब्जॉर्ब करने में मदद कर सकते हैं।



