दुनिया में लोगों को डर…भारत बढ़ा तो हम कहां, भागवत ने बताया अमेरिका ने क्यों लगाया टैरिफ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ पर बड़ा बयान दिय है। उन्होंने बताया है कि अमेरिका ने भारत पर टैरिफ क्यों लगाया। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को पुचकारने की नीति की भी कड़ी आलोचना की है।
नागपुर: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक सभा को संबोधित करते हुए अमेरिकी टैरिफ पर बात की। उन्होंने कहा कि दुनिया में लोगों को डर है कि अगर भारत आगे बढ़ा तो हमारा स्थान कहां रहेगा। उनकी जगह कम हो जाएगी, इसलिए वे टैरिफ लगाते हैं। हमने कुछ नहीं किया। पाकिस्तान को पुचकारने पर भी उन्होंने अमेरिका के पॉलिसी की आलोचना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को लगता है कि पाकिस्तान को साथ रखने से भारत पर दबाव बनेगा। आज दुनिया को समाधान की ज़रूरत है। सात समंदर पार होने के बावजूद भी मैं-मेरा के चक्कर में उन्हें भारत से डर लगता है। उन्होंने अपनी दृष्टि के आधार पर हल निकालने के प्रयास किए, मगर समाधान नहीं मिला।
संत तुकाराम का किया जिक्र
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमख मोहन भागवत ने संत तुकाराम का उदाहरण देते हुए आरएसएस ने कहा कि निंदा करो या स्तुति करो, हमें अपना स्वार्थ साधना है। तुकाराम का स्वार्थ पूरा विश्व उनका था। मगर जब अपने ‘स्व’ को मंदबुद्धि में बंद कर देते हैं तो झगड़े का कारण बनता है। व्यक्तियों से लेकर राष्ट्रों के झगड़ों का मूल कारण यही है। हमें चाहिए, मुझे चाहिए की भावना होती है, बाकी दुनिया को क्या चाहिए, इसका विचार नहीं किया जाता है।
हम विश्व को दिखाएंगे रास्ता
टैरिफ लागने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने रुख में बदलाव किया है। जिसका भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया, हालांकि अमेरिका के टैरिफ अभी भारत पर लगे हुए है। मोहन भागवत यह बयान उनके जन्मदिन के मौके पर आया है। 11 सितंबर को मोहन भागवत ने 75 साल की आयु पूरी की थी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी थी। भागवत ने अपने जन्मदिन से एक पहले भी एक कार्यक्रम में कहा था कि हम विश्व काे नया रास्ता दिखाएंगे। उन्होंने कहा था कि विश्व हमको गुरु कहेगा, लेकिन हम विश्व को मित्र कहेंगे।



