ओबीसी की बैठक में मराठा आरक्षण के जीआर पर बिफरे कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल, कोर्ट जाने की दी धमकी

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर हुए आंदोलन को सरकार ने जैसे तैसे खत्म करवा लिया लेकिन ओबीसी संगठनों की नाराजगी बनी हुई है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित ओबीसी कमेटी की बैठक में छगन भुजबल मराठा आरक्षण के जीआर पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि हल नहीं निकला तो वह कोर्ट जाएंगे।
मुंबई: मंत्रिमंडल ओबीसी उपसमिति की बैठक में कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल ने बेहद आक्रामक हो गए। उन्होंने चुनौती दी कि मराठा आरक्षण के जीआर का मामला हल नहीं होता वे कोर्ट जाएंगे। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी प्रकट की कि मराठा समाज की तुलना में ओबीसी समाज को कम निधि मिली है। मंत्रालय में ओबीसी कैबिनेट उपसमिति की पहली बैठक बुधवार को हुई। इस समिति का गठन पिछले हफ्ते ओबीसी के लिए कल्याणकारी योजनाओं को तेजी से लागू करने और आरक्षण से संबंधित मुद्दों को सुलझाने के लिए किया गया था।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद
समिति का अध्यक्ष राजस्व मंत्री और बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले को बनाया गया है। बैठक में बावनकुले के अलावा खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल, वन मंत्री गणेश नाईक, मृदा, जलसंधारण मंत्री संजय राठोड, पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे, अन्य पिछड़ा बहुजन समाज कल्याण मंत्री अतुल सावे और कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे उपस्थित थे। बैठक में बावनकुले ने दावा किया कि ओबीसी समाज के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। केवल उन्हीं लोगों को कुनबी सर्टिफिकेट दिया जाएगा जिनका कुनबी पंजीकरण दर्ज होगा। उसके साथ प्रमाणपत्र, कुनबी रिश्तेदारी, ग्राम समिति और तहसीलदार स्तर की समिति की रिपोर्ट आवश्यक होगी।
मिलान के बाद जारी हो सर्टिफिकेट
अध्यक्ष बावनकुले ने साफ कहा कि वंशावली के मिलान और सभी दस्तावेज पूरे होने के बाद ही प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। झूठे प्रमाणपत्र जारी नहीं हो, इसके लिए उपविभागीय अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि करीब 3,688 करोड़ रुपए का निधि बकाया है, जिसके कारण 1,200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति रुकी हुई है। इसका जल्द समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने मनोज जरांगे पाटिल में मुंबई आंदोलन के दौरान हैदराबाद गैजेट का मानने का फैसला किया था। इसके बाद जीआर भी जारी किया था। अगले दिन ओबीसी के हितों की रक्षा के लिए उप समिति का गठन किया था।
मुंडे बोलीं-सरकार करे श्वेत पत्र जारी
बैठक में पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि मराठा आरक्षण मुद्दे पर ओबीसी समुदाय द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं को राज्य सरकार कभी नजरअंदाज नहीं करेगी। मराठा समाज को फर्जी प्रमाणपत्र किसी भी हालत में जारी नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने इस विषय पर श्वेत पत्र जारी करने की भी मांग की। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए मुंडे ने कहा कि बैठक में हमने महाराष्ट्र में ओबीसी की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। राज्य में लगभग 350 जातियां ओबीसी के रूप में वर्गीकृत हैं। मंत्री ने बताया कि बैठक के दौरान समुदाय के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ से संबंधित कार्यक्रमों और धन आवंटन जैसी विभिन्न योजनाओं पर चर्चा हुई।



