सौरमंडल में ही मौजूद हो सकती है एलियन लाइफ, इस विशाल ग्रह के चांद पर मिल सकते हैं जीवन के सबूत

एलियन लाइफ की जब बात आती है तो एक सामान्य सी धारणा यह होती है कि दूर दराज की आकाशगंगाओं या अंतरिक्ष में किसी सुदूर जगह पर एक्स्ट्रा टेरिस्ट्रियल लाइफ फल फूल रही होगी।
क्या इस विशालकाय ब्रह्मांड में हम अकेले हैं? या हम नहीं? ये दोनों ही सवाल काफी चौंकाने वाले हैं। कई बार रात के समय आसमान में सितारों को देखते वक्त हमारे दिमाग में यह सवाल आता होगा कि क्या इस ब्रह्मांड में कोई एलियन लाइफ होगी? इस जिज्ञासा की वजह से ही हमारे वैज्ञानिकों ने कई स्पेस मिशन अंतरिक्ष में भेजे हैं। हालांकि, अब तक किसी एलियन लाइफ का सबूत हमको नहीं मिला है।
एलियन लाइफ की जब बात आती है तो एक सामान्य सी धारणा यह होती है कि दूर दराज की आकाशगंगाओं या अंतरिक्ष में किसी सुदूर जगह पर एक्स्ट्रा टेरिस्ट्रियल लाइफ फल फूल रही होगी। वहीं अगर हम आपसे कहें कि कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है हमारे सौर मंडल में ही परग्रही जीवन मौजूद हो सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि शनि के सबसे बड़े चांद टाइटन पर जीवन के संकेत मिल सकते हैं।
हमारे सौरमंडल में टाइटन दूसरा सबसे बड़ा चंद्रमा है। इसकी सतह बर्फ और चट्टानों से ढकी हुई है। धरती के अलावा यह एकमात्र ऐसी जगह है, जहां सतह पर तरल पदार्थ हैं। शनि के इस चंद्रमा पर बादल बनते हैं, बारिश होती है, नदियां बहती हैं। इसके अलावा यहां पर झीलें और समुद्र भी हैं। हालांकि, इनमें पानी नहीं बल्कि मीथेन और ईथेन के तरल हाइड्रोकार्बन भरे हुए हैं।
नासा ने साल 1997 में कैसिनी मिशन को अंतरिक्ष में लॉन्च किया था। कैसिनी यान ने टाइटन की कक्षा में चक्कर लगाते हुए टाइटन के बारे में कई चीजें को पता करने का काम किया। इसमें इस बात का पता चला कि टाइटन की बर्फीली सतह के नीचे पानी का एक विशाल महासागर छिपा हुआ है।
वहीं साल 2005 में यूरोपियन स्पेस एजेंसी के प्रोब ह्यूजेंस ने टाइटन की सतह पर लैंड करके वहां के बारे में स्टडी किया। इसमें यह पता चला कि सतह से करीब 55 से 80 किलोमीटर नीचे महासागर मौजूद हैं।
वैज्ञानिकों को लगता है कि टाइटन की सतह पर मौजूद मीथेन और ईथेन की नदियों, झीलों और समुद्र में जीवन मौजूद हो सकता है। हालांकि, अगर टाइटन पर जीवन मौजूद हुआ तौ वह धरती से पूरी तरह से अलग होगा। अभी तक टाइटन पर जीवन के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। हालांकि, नासा आने वाले समय में टाइटन का विस्तृत अध्ययन करने के लिए साल 2028 में ड्रैगनफ्लाई फ्लाई मिशन वहां पर भेजने वाला है।



