महाराष्ट्र

Raj Thackeray: क्या हाईकोर्ट छुट्टी पर है? सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, MNS प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से इनकार

मुंबई\नई दिल्ली: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले कुछ दिनों से मराठी और गैर मराठी भाषा को लेकर विवाद चल रहा है। सोशल मीडिया पर यह बात सामने आई है कि मनसे पदाधिकारी कुछ हिंदी भाषी या गैर मराठी व्यापारियों या गैर-मराठी भाषी लोगों की पिटाई कर रहे हैं। इस बीच मराठी के मुद्दे पर एक रैली के बाद ठाकरे बंधुओं की ओर से दिए गए भाषण पर आपत्ति जताते हुए राज ठाकरे के खिलाफ अदालत में एक याचिका दायर की गई। सुप्रीम कोर्ट ने राज ठाकरे के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने राज ठाकरे के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज ठाकरे के खिलाफ दायर याचिका को केवल प्रचार के लिए बताया है। याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता हाईकोर्ट क्यों नहीं गए? क्या हाईकोर्ट छुट्टी पर है? सुप्रीम कोर्ट ने यह पूछा है। दरअसल याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज ठाकरे गैर मराठी लोगों के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं।

याचिका में क्या आरोप?
याचिका में आरोप लगाया गया था कि गैर-मराठी भाषी लोगों पर हो रहे हमलों में राज ठाकरे की भूमिका रही है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि इस मामले में राज ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही चुनाव आयोग को निर्देश देकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की मान्यता रद्द करने की अपील भी की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते उन्हें सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

किसने दाखिल की थी याचिका?
याचिका में 5 जुलाई को शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज ठाकरे के चचेरे भाई उद्धव ठाकरे की ओर से आयोजित विजय रैली का भी हवाला दिया गया। इसमें दावा किया गया था कि इस रैली में राज ठाकरे ने गैर-मराठी बोलने वालों की पिटाई को उचित ठहराया था। बॉम्बे हाईकोर्ट के वकील घनश्याम उपाध्याय ने यह याचिका दायर की थी। याचिका में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

राज ठाकरे पर नफरत फैलाने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया था कि राज ठाकरे ने हिंदी भाषी लोगों के खिलाफ नफरत फैलाने और हिंसा भड़काने वाले बयान दिए। कहा गया कि केंद्र और महाराष्ट्र की सरकारों को सुनिश्चित करना चाहिए कि राज और उनके राजनीतिक संगठन ऐसी घटनाओं को अंजाम न दें और इन घटनाओं से कठोरता से निपटा जाए। याचिकाकर्ता ने भारत के चुनाव आयोग और महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग से एमएनएस की राजनीतिक मान्यता को वापस लेने का निर्देश देने की भी मांग की थी।

Show More

Daily Live Chhattisgarh

Daily Live CG यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, बिजनेस, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button