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मोदी ने ट्रंप को सुनाई थी खरी-खरी… खुल गया अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत पर गुस्से का राज, 35 मिनट की फोन कॉल है वजह

वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका के बीच बीचे कुछ दिनों से संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारी भरकम टैरिफ के ऐलान से चीजें खराब हुई हैं लेकिन इसकी शुरुआत काफी पहले हो गई थी। खासतौर से पाकिस्तान-भारत के सीजफायर के दावे के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ट्रंप की बातचीत अच्छी नहीं रही थी। ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कैसे पाकिस्तान पर मोदी-ट्रंप की 35 मिनट की बातचीत ने कैसे भारत-अमेरिका संबंधों का नुकसान किया। इस बातचीत में मोदी ने कथित तौर पर ट्रंप को पाकिस्तान के मुद्दे पर खरी-खरी सुना दी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को सीजफायर के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार मध्यस्थता का दावा किया। इसे भारत ने नकारा और दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आया। इस पूरे घटनाक्रम में एक दिलचस्प मोड़ 17 जून को आया, जब नरेंद्र मोदी ने ट्रंप से 35 मिनट तक फोन पर बात की। ये कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुआ। इस कार्यक्रम में मोदी के पहंचने से पहले ट्रंप जा चुके थे। ऐसे में दोनों नेताओं की फोन पर बात हुई।

हम मध्यस्थता नहीं मानते

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप के साथ फोन कॉल के दौरान मोदी ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान के साथ सीजफायर में कोई तीसरा पक्ष (अमेरिका) नहीं है। पाकिस्तान के अनुरोध के बाद दोनों देशों में सीजफायर पर चर्चा हुई और इस पर सहमति बनी। मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत की नीति मध्यस्थता स्वीकार नहीं करने की है और वह इस पर आगे भी कायम रहेगा।

रिपोर्ट कहती है कि ट्रंप के पाक आर्मी चीफ को लंच पर बुलाने ने चीजों को और ज्यादा खराब किया। ट्रंप के वाइट हाउस मुनीर की मेजबानी पर मोदी अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहते थे। भारत को ट्रंप की पाकिस्तानी सरकार के नेताओं से मुलाकात से समस्या नहीं थी लेकिन मुनीर की मेजबानी से एतराज था। हालांकि ट्रंप ने नरेंद्र मोदी की इस चिंता को अनसुना कर दिया।

मोदी ने ठुकराया न्योता

नरेंद्र मोदी को ट्रंप ने इस दौरान अमेरिका आने के लिए कहा लेकिन मोदी इस बात से चिंतित थे कि ट्रंप उनकी और मुनीर की बैठक करा सकते हैं। ऐसे में मोदी ने कनाडा से लौटने पर वाइट हाउस में रुकने के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया। पीएम मोदी ने क्रोएशिया जाने के लिए प्रतिबद्ध होने की बात कहते हुए ट्रंप के न्योते को ठुकरा दिया।

इसके बाद से ट्रंप और उनके प्रशासन के रवैये में भारत के लिए बड़ा बदलाव देखा गया। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से भारत पर हमला करना शुरू कर दिए। ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को मृत तक कहा। इसके बाद भारत पर पहले 25 और फिर 50% टैरिफ का ऐलान कर दिया। ये तनातनी लगातार जारी है और दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच संवाद नहीं है।

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