इंडिगो की मुंबई-कोलकाता फ्लाइट में पैनिक अटैक फिर ‘थप्पड़ कांड’ के बाद लापता यात्री का चला पता

मुंबई/गुवाहाटी: मुंबई-कोलकाता इंडिगो फ्लाइट में जिस पैसेंजर के साथ ‘थप्पड़ कांड’ हुआ था। उसका पता चल गया है। पीड़ित की पहचान असम के कछार निवासी हुसैन अहमद मजूमदार के रूप में हुई है। पहले हुसैन के परिवारवालों ने संपर्क नहीं होने पर थाने में शिकायती पत्र देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मदद की गुहार लगाई थी। इंडिगो की फ्लाइट में ‘थप्पड़ कांड’ के बाद वीडियो वायरल हो गया था। पीड़ित के जरिए अब पूरा घटनाक्रम भी सामने आया है। उधर, इंडिगो ने थप्पड़ मारने वाले यात्री को अगले 30 दिनों के लिए बैन कर दिया है। कोलकाता पहुंचने पर आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पीड़ित ने नहीं ली कनेक्टिंग फ्लाइट
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह मामला सुर्खियों में हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कि हुसैन अहमद मजूमदार शनिवार को असम के बारपेटा के एक रेलवे स्टेशन पर मिले। उन्होंने सिलचर में उतरने वाली अपनी दूसरी उड़ान के बजाय कोलकाता से असम में अपने गृहनगर के लिए ट्रेन ली थी। उनके गृहनगर कटिगोरा के थाना प्रभारी के हवाले से कहा गया है। यह व्यक्ति कोलकाता में उड़ान के उतरने के बाद असम के बारपेटा पहुंचा। वह बारपेटा के लिए ट्रेन में सवार हुआ। पीड़ित ने 400 किलोमीटर की ट्रेन यात्रा के बाद सिलचर पहुंचेगा।
परिवार का नहीं हो पाया संपर्क
सामने आया हैकि पीड़ित ने अपने बीमार पिता से मिलने के लिए मुंबई-कोलकाता की उड़ान ली थी। इसकी फ्लाइट में हुसैन अहमद मजूमदार के साथ थप्पड़ कांड़ हुआ। पीड़ित ने कोलकाता पहुंचने के बाद सिलचर के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट नहीं ली। इसके बजाए पीड़ित ने ट्रेन पकड़ ली। उधर परिवार सिलचर एयरपोर्ट पर इतंजार कर रहा था। जब हुसैन अहमद मजूमदार बाहर नहीं आए तो वे असमंजस में पड़ गए। इस बीच जब उड़ान का वीडियो वायरल हुआ, तो परिवार घबरा गया। उन्होंने बार-बार फोन किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद परिवार ने पुलिस संपर्क किया। जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई। शनिवार रात तक पीड़ित को बारपेटा में पाया गया।
फ्लाइट में क्या हुआ था?
इससे पहले वाली मुंबई कोलकाता फ्लाइट में जब हुसैन अहमद को घबराहट का दौरा पड़ा, तो चालक दल उन्हें शांत कर रहा था। इसी दौरान एक साथी यात्री (हफीजुल रहमान) ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। रहमान ने कहा कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह परेशानी पैदा कर रहे थे। परिवार का कहना है मजूमदार पहली बार यात्रा नहीं कर रहे थे। वह अक्सर इसी तरीके से कनेक्टिंग फ्लाइट से आते थे। परिवार के अनुसार मुंबई में काम करने वाले हुसैन अहमद मजूमदार ने कैंसर से पीड़ित अपने पिता को देखने के लिए सिलचर की यात्रा शेड्यूल की थी।



