PCB को होगा करोड़ों का नुकसान! एशिया कप और वर्ल्ड कप पर BCCI दे सकता है झटका

BCCI vs PCB: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को बड़ा आर्थिक झटका लगने की संभावना है. एशिया कप से पीसीबी को बड़ी कमाई होती है और इस साल एशिया कप के आयोजन पर ही पेंच लटका हुआ है. बीसीसीआई ने अब तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है. इस आयोजन के रद्द होने की स्थिति में पाकिस्तान को करीब 35 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है. इसी प्रकार अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप पर भी बीसीसीआई ने चुप्पी साध रखी है.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को बड़ा झटका दे सकता है. 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच माहौल काफी गर्म है. इस बीच बीसीसीआई ने एशिया कप और टी20 वर्ल्ड कप पर चुप्पी साध रखी है, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी को इस साल अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) से राजस्व हिस्सेदारी के रूप में लगभग 8.8 अरब रुपये (264 करोड़ रुपये) मिलने की उम्मीद है, जिसमें एशिया कप से 1.16 अरब रुपये (34.8 करोड़ रुपये) और अन्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट आयोजनों से 7.77 मिलियन रुपये (23.31 लाख रुपये) शामिल हैं.
पीसीबी को हो सकता है करोड़ों का नुकसान
दरअसल, बोर्ड के एक विश्वसनीय सूत्र ने समाचार एजेंसी को बताया कि पीसीबी ने इस वित्तीय वर्ष के दौरान आईसीसी से अपने हिस्से के रूप में 25.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 7.7 अरब रुपये) निर्धारित किए हैं. एक जानकार सूत्र ने कहा, ‘इन दो प्रमुख स्रोतों (आईसीसी और एशिया कप) से प्राप्त राजस्व पाकिस्तान क्रिकेट की वित्तीय सेहत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.’ हालांकि, एसीसी द्वारा अभी तक यह पुष्टि नहीं की गई है कि एशिया कप 2025 में होगा या नहीं, इसलिए पीसीबी को अपने राजस्व पर भारी असर पड़ने की आशंका है. दरअसल, टूर्नामेंट को लेकर अनिश्चितता तब और बढ़ गई जब बोर्ड अध्यक्ष मोहसिन नकवी, जो एसीसी के प्रमुख भी हैं, पिछले सप्ताह के अंत में आईसीसी बैठकों के लिए सिंगापुर नहीं गए और उन्होंने एजीएम में वर्चुअली हिस्सा लिया.
ढाका की बैठक में शामिल नहीं होना चाहते कई देश
एशिया कप की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए 24 जुलाई को ढाका में बुलाई गई एसीसी बैठक में भाग लेने के संबंध में बीसीसीआई या श्रीलंका और अफगानिस्तान के बोर्ड से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली. एक अंदरूनी सूत्र ने बताया, ‘पीसीबी को एसीसी द्वारा ढाका में बैठक आयोजित करने के लिए काफी विरोध का सामना करना पड़ा. भारत, श्रीलंका, अफगानिस्तान, ओमान और कुछ अन्य सहयोगी सदस्य बोर्ड ढाका की यात्रा न करने पर अड़े हुए थे.’ उन्होंने आगे कहा कि आईसीसी बैठक के दौरान एशिया कप के बारे में हुई चर्चा इस वर्ष सितंबर में होने वाले टूर्नामेंट के लिए शुभ संकेत नहीं है, क्योंकि बीसीसीआई ढाका में अपना प्रतिनिधि भेजने को तैयार नहीं है.
WCL में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से किया इनकार
भारत को पहले सितंबर में एशिया कप की मेजबानी करनी थी, लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ गतिरोध के कारण ऐसी अफवाहें थीं कि बीसीसीआई इस टूर्नामेंट से हट सकता है, जिससे टूर्नामेंट रद्द भी हो सकता है. हालांकि, मंडाविया ने पिछले शुक्रवार को इस सस्पेंस को खत्म करते हुए कहा कि भारत को ‘ऐसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पाकिस्तान के साथ खेलने में कोई समस्या नहीं है जहाँ कई देश शामिल हों.’ उस बयान के ठीक दो दिन बाद, युवराज सिंह की अगुवाई में अनुभवी भारतीय खिलाड़ियों ने सार्वजनिक आलोचना के बाद बर्मिंघम में वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के दूसरे सीजन में पाकिस्तान चैंपियंस टीम के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया. इसके बाद आयोजकों को मैच रद्द करना पड़ा.



