हिंदी भाषा को अनिवार्य बनाने के दोनों फैसले रद्द, देवेंद्र फडणवीस का बड़ा ऐलान

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को तीन भाषा नीति पर लिए गए दो सरकारी आदेश रद्द कर दिए। विपक्ष का आरोप था कि सरकार हिंदी को राज्य के लोगों पर थोपने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने अब भाषा फार्मूला लागू करने के लिए एक समिति बनाने की घोषणा की है। यह समिति तीन भाषा नीति पर विचार करेगी और अपनी सिफारिशें देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र जाधव समिति माशेलकर समिति की रिपोर्ट का अध्ययन करेगी। यह उन लोगों से भी बात करेगी जो इसका विरोध कर रहे हैं। इसके बाद यह तीन भाषा नीति को लागू करने पर अपनी सिफारिशें देगी। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि उनकी सरकार की नीति मराठी और मराठी छात्रों पर केंद्रित है। वे इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि हमारी नीति मराठी केंद्रित और मराठी छात्र केंद्रित है। हम इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विपक्ष से अपना विरोध प्रदर्शन वापस लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे मुंबई में मराठी लोगों को असुविधा होगी। खासकर तब जब विरोध का कारण ही खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि अब विरोध का कोई मतलब नहीं है क्योंकि सरकार ने आदेश रद्द कर दिए हैं।



