इस देश में अभी चल रहा है 2017, जानिए क्या है दुनिया से सात साल पीछे होने की वजह

अफ्रीका के दूसरे सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश के तौर पर जाने जाने वाले इथियोपिया का कैलेंडर दुनिया से सात साल, तीन महीने पीछे चलता है। यहां नया साल भी एक जनवरी नहीं बल्कि 11 सितंबर को मनाते हैं।
एक तरफ दुनियाभर में साल 2025 चल रहा है, तो वहीं एक देश ऐसा भी है जहां अभी भी 2017 ही चल रहा है। जी हां, आपको यह जानकर हैरानी हो रही होगी, लेकिन यह बिल्कुल सच है। इतना ही नहीं, इस देश में 12 नहीं बल्कि साल में 13 महीने होते हैं। इसे देश का नाम इथियोपिया है।
अफ्रीका के दूसरे सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश के तौर पर जाने जाने वाले इथियोपिया का कैलेंडर दुनिया से सात साल, तीन महीने पीछे चलता है। यहां नया साल भी एक जनवरी नहीं बल्कि 11 सितंबर को मनाते हैं।
साल 1582 में ग्रेगोरियन कैलेंडर शुरू हुआ था। इससे पहले इथियोपिया में जूलियन कैलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है जो देश कैथोलिक चर्च को मानते थे उन्होंने नया कैलेंडर स्वीकार कर लिया। लेकिन कई देशों ने इस कैलेंडर को स्वीकार नहीं किया और इसका विरोध कर रहे थे। इन देशों में इथियोपिया भी शामिल था।
इथियोपिया के लोग ऑर्थोडॉक्स चर्च को मानते हैं। 7 बीसी में ईसा मसीह का जन्म हुआ जिसके मुताबिक, कैलेंडर की गिनती शुरू हुई। जबकि दूसरे देशों में ईसा मसीह का जन्म AD1 में माना जाता है। इसकी वजह से अभी तक यहां के कैलेंडर में साल 2017 चल रहा है जबकि दुनिया में 2025 चल रहा है।
इथियोपियन के कैलेंडर में 13 महीने का एक साल होता है जिसमें 12 महीने 30 दिन के होते हैं। अंतिम महीने को यहां पर पाग्युमे कहा जाता है जिसमें पांच या छह दिन होते हैं। साल की गिनती में नहीं आने वाले दिनों को जोड़कर इस महीने को बनाया जाता है। सबसे बड़ी खासियत है कि यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल सबसे ज्यादा जगहें इथियोपिया की हैं। यहां की सुंदरता देखने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं।



