महाराष्ट्र

आदिवासियों के हक के 336 करोड़ महाराष्ट्र में लाडली बहन योजना में ट्रांसफर, मई की किस्त भेजने की तैयारी

मुंबई : महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लाडली बहन योजना’ को चलाए रखने के लिए सरकार को लगातार दूसरे विभागों से कैश लिक्विडिटी मैनेजमेंट करना पड़ रहा है। लाभार्थी महिलाओं को अगली किश्त देने के लिए सरकार ने इस बार आदिवासी विभाग से 335 करोड़, 70 लाख रुपये का फंड ट्रांसफर किया है। अप्रैल की किश्त देने के लिए भी सरकार के वित्त विभाग ने पिछले महीने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विभाग के 410 करोड़ रुपये महिला और बाल विकास विभाग को ट्रांसफर किए थे।

पिछले विधानसभा चुनाव से ऐन पहले महायुति सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ‘मेरी लाडली बहन योजना’ शुरू की थी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1500 रुपये हर माह दिए गए।

2100 देने का ऐलान बना गले की हड्डी

विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने पांच महीने की किस्तों का भुगतान पात्र लाभार्थियों को किया। चुनाव प्रचार के दौरान महायुति के नेता जोर-शोर से प्रचार कर रहे थे कि अगर राज्य में फिर से महायुति की सरकार बनी तो ने 1500 की रकम को बढ़ाकर 2100 कर दिया जाएगा। अब यह योजना सरकार के गले की हड्डी बन गई है। लाडली बहनों को हर माह पैसा देने के लिए सरकार को कई तरह के जोड़-तोड़ करने पड़ रहे हैं। दूसरे विभाग से पैसे ट्रांसफर करने पड़ रहे हैं।

मंत्री ने किया था विरोध

राज्य सरकार ने चालू वर्ष 2025-26 के बजट में अनुसूचित जनजाति योजना के लिए 21,495 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इनमें से आदिवासी विकास विभाग को दिए गए 3,420 करोड़ रुपये के सहायक अनुदान में मई के लिए 335 करोड़, 70 लाख रुपये की निधि लाडली बहन योजना के लिए हस्तांतरित की गई है।

सामाजिक न्याय विभाग के 410 करोड़ 30 रुपये महिला व बाल विकास विभाग को डायवर्ट किए थे। इस पर सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट बहुत नाराज हुए थे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर सरकार को सामाजिक न्याय विभाग की जरूरत ही नहीं, तो यह विभाग बंद क्यों नहीं कर देती। उन्होंने विभाग पर सरकार की अनदेखी का भी आरोप लगाया था।

Show More

Daily Live Chhattisgarh

Daily Live CG यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, बिजनेस, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button