राजनीति

अजित से हाथ मिलाएंगे या नहीं, बेटी सुप्रिया सुले को जिक्र करके शरद पवार ने कर दिया बड़ा इशारा

मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुटों के विलय को लेकर पिछले कई महीनों से अटकलें लगाई जा रही हैं। एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने इससे जुड़े सवाल का जवाब देकर तय कर दिया कि उनकी उत्तराधिकारी सुप्रिया सुले ही रहेंगी। इंडियन एक्सप्रेस से इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अजित पवार की एनसीपी के साथ हाथ मिलाने पर फैसला अगली पीढ़ी के नेता लेंगे। खासकर उनकी बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले इस पर निर्णय लेंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी में कुछ लोग विकास कार्यों के लिए अजित पवार के साथ जाने की बात कर रहे हैं, तो कुछ इसके खिलाफ हैं। इस बीच अजित पवार की एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि उनकी पार्टी महायुति के साथ रहेगी। अगर शरद गुट से ऐसा प्रस्ताव आता है तो पार्टी का कोर ग्रुप इस पर बात करेगा।

सुप्रिया सुले की शर्त से अटका विलय
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद से अजित पवार और शरद पवार के बीच कई मौकों पर मुलाकातों का दौर चला। इसके अलावा दोनों नेताओं के पर्दे के पीछे बातचीत की खबरें भी आईं। इसके बाद से एनसीपी के दोनों धड़ों के एक होने की कयासबाजी शुरू हो गई। मीडिया में विलय के फॉर्मूले की चर्चा होने लगी, जिसके तहत सुप्रिया सुले को केंद्रीय राजनीति और अजित पवार को स्टेट पॉलिटिक्स का उत्तराधिकारी बताया गया। यह बात भी सामने आई कि सुप्रिया सुले ने विलय के लिए अजित पवार के सामने महायुति से बाहर आने की शर्त रख दी। इस कारण विलय का प्लान लटक गया। इस बीच शरद पवार ने भी बीच-बीच में एकजुटता के संदेश भी दिए। सूत्र बताते हैं कि शरद भी पार्टी के विलय के पक्ष में हैं, मगर वह बेटी सुप्रिया सुले को ही पार्टी के नंबर-वन के तौर पर देखना चाहते हैं।

जानिए शरद पवार ने क्या कहा
एक इंटरव्यू में एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने विलय के संभावनाओं पर बात की। उन्होंने कहा कि विलय को लेकर पार्टी के अंदर दो राय हैं। एक खेमा चाहता है कि अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ फिर से मिल जाएं। दूसरा गुट महसूस करता है कि बीजेपी के साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से न जाएं। इंडिया अलायंस में बने रहे और गठबंधन को फिर से संगठित करें। उन्होंने कहा कि अजित पवार की पार्टी के साथ हाथ मिलाना चाहिए या नहीं, इस पर हमारी सांसद सुप्रिया सुले इस बारे में फैसला लेंगी। मैं अब निर्णय लेने की प्रक्रिया से बाहर हूं। नेता दो पार्टियों में बंटे हुए हैं, लेकिन विचारधारा एक ही है।

महायुति से बाहर नहीं जाएंगे अजित
सुनील तटकरे ने कहा कि उन्होंने शरद पवार का बयान सुना है और वे उनका सम्मान करते हैं। अगर उनकी पार्टी से कोई प्रस्ताव आता है तो वे कोर ग्रुप में इस पर चर्चा करेंगे। तटकरे ने यह भी कहा कि दोनों एनसीपी के एक साथ आने की संभावना कम है. उन्होंने कहा कि अजित पवार ने महायुति के साथ जाने का फैसला लिया है और वे इस पर कायम रहेंगे। एनसीपी यूथ विंग के अध्यक्ष सूरज चव्हाण ने कहा कि अगर महायुति के साथ जाने का अजित पवार का फैसला सुले और अन्य नेताओं को स्वीकार्य है, तो एनसीपी को कोई समस्या नहीं होगी। उन्होंने कहा कि शरद गुट के कई नेता अजित पवार के संपर्क में हैं और जल्द ही उनकी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

फैमली में एकजुटता की वकालत
एनसीपी (एसपी) के रोहित पवार ने कहा कि एक परिवार के तौर पर उन्हें लगता है कि उन्हें एकजुट होना चाहिए। एक संयुक्त परिवार हमेशा मजबूत दिखता है। दो पार्टियों के एक साथ आने पर फैसला दोनों पार्टियों के शीर्ष नेताओं को लेना चाहिए। रोहित पवार ने कहा कि पवार साहब और सुले से बात करने के बाद ही यह क्लियर हो पाएगा। बता दें कि शरद पवार ने 2023 में अजित पवार की दावेदारी को नजरअंदाज कर अपनी बेटी सुप्रिया सुले को एनसीपी का कार्यकारी अध्यक्ष घोषित कर दिया था। इससे पार्टी में कलह बढ़ी और कुछ दिनों बाद ही अजित पवार 40 विधायकों के साथ अलग हो गए थे।

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