बिम्सटेक में सहयोग बढ़ाने के लिए मोदी की 21 सूत्री कार्ययोजना

बैंकॉक, 4 अप्रैल (एजेंसी)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘बिम्सटेक’ समूह को नयी गति प्रदान करने के उद्देश्य से शुक्रवार को 21 सूत्री कार्ययोजना का प्रस्ताव रखा। इसमें भारत के यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) को बिम्सटेक देशों की भुगतान प्रणालियों से जोड़ना और ‘बिम्सटेक चैंबर ऑफ कॉमर्स’ की स्थापना करना शामिल है। प्रधानमंत्री ने वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन आयोजित करने और क्षेत्र के भीतर स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विचार करने का भी प्रस्ताव रखा।
यहां छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समूह वैश्विक कल्याण को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने म्यांमार और थाईलैंड में हाल ही में आये भूकंप के मद्देनजर आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आपदा प्रबंधन, राहत और पुनर्वास में सहयोग के लिए भारत में ‘बिम्सटेक उत्कृष्टता केंद्र’ की स्थापना का प्रस्ताव रखा।
प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तावित कार्य योजना में मानव संसाधन अवसंरचना के संगठित विकास के लिए ‘बोधि’ या ‘बिम्सटेक फॉर ऑर्गेनाइज्ड डेवलपमेंट ऑफ ह्यूमन रिसोर्स इंफ्रास्ट्रक्चर’ पहल भी शामिल है। इसके तहत, बिम्सटेक देशों के 300 युवाओं को हर साल भारत में प्रशिक्षित किया जाएगा। मोदी ने कहा, ‘बिम्सटेक में क्षमता निर्माण ढांचे का एक शानदार उदाहरण बनने की क्षमता है। हम सभी एक-दूसरे से सीखेंगे और आगे बढ़ेंगे।’ उन्होंने दक्षता विकास, अनुसंधान, नवाचार और समुद्री नीतियों में समन्वय बढ़ाने के लिए भारत में एक सतत समुद्री परिवहन केंद्र की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुक्त, खुला, संरक्षित और सुरक्षित हिंद महासागर हमारी साझा प्राथमिकता है। बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में समृद्धि, सुरक्षा और समावेशिता के लिए ‘बैंकॉक विजन 2030′ को अपनाया गया।



