ट्रंप के टैरिफ वॉर को बेअसर करेगी मोदी की दोस्ती? भारत पर क्या पड़ेगा असर…

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘टैरिफ वॉर’ 2 अप्रैल से शुरू होने वाली है। इसे लेकर दुनियाभर में चिंता है। टैरिफ लागू होने के बाद दुनिया के व्यापार सिस्टम पर असर पड़ सकता है। इस बीच डार्टमाउथ कॉलेज के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर और लेखक डगलस इरविन ने बताया कि टैरिफ लागू होने से भारत पर क्या असर पड़ेगा। उन्होंने भारत और उसकी अर्थव्यवस्था पर इसके असर के बारे में भी बात की।
‘ट्रंप का कदम पड़ सकता है उल्टा’
एक निजी न्यूज चैनल से बात करते हुए इरविन ने कहा कि यह बहुत जटिल है। यह विश्व व्यापार संगठन में ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ के व्यापार दर्जे से एक बड़ा बदलाव होगा। इसका मतलब है कि अब देशों के बीच व्यापार के नियम बदल जाएंगे। अर्थशास्त्री इरविन इस बात से सहमत हैं कि ट्रंप का यह कदम उल्टा पड़ सकता है। इसका नुकसान अमेरिकी ग्राहकों को होगा। चीजों के दाम बढ़ जाएंगे।
‘अमेरिकी ग्राहकों के लिए बढ़ जाएंगी कीमतें’
इरविन ने कहा कि ट्रंप के अनुसार, दूसरे देश अमेरिका का फायदा उठा रहे हैं। हालांकि ज्यादातर अर्थशास्त्री इससे सहमत नहीं हैं। ट्रंप व्यापार घाटे पर ध्यान दे रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिका कई देशों से ज्यादा सामान खरीदता है और कम बेचता है। लेकिन सिर्फ इसलिए कि अमेरिका ज्यादा आयात करता है, इसका मतलब यह नहीं है कि उसका फायदा उठाया जा रहा है। टैरिफ लगाने से अमेरिकी ग्राहकों के लिए कीमतें बढ़ जाएंगी। व्यापार घाटे को कम करने के लिए दूसरे देशों को नुकसान पहुंचाने के बजाय, यह अमेरिका को ही नुकसान पहुंचाएगा।
‘मंदी की ओर जा सकती है अमेरिकी अर्थव्यवस्था’
इरविन ने दुनिया भर के बाजारों पर ट्रंप की घोषणाओं के प्रभाव के बारे में भी बात की। लोगों को डर है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की ओर जा सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में पहले से ही खबरें आ रही हैं कि टैरिफ को शुरू में जितनी बात हुई थी, उससे काफी कम कर दिया जाएगा। शायद कुछ खास देशों और कुछ खास उत्पादों को ही निशाना बनाया जाएगा। ट्रेजरी सेक्रेटरी ‘डर्टी 15’के बारे में बात कर रहे हैं। ये वे 15 देश हैं जिनके साथ अमेरिका का सबसे बड़ा व्यापार घाटा है और भारत भी उनमें से एक है। इन देशों को निशाना बनाया जाएगा। 2 अप्रैल को टैरिफ लागू होने के बाद हमें बेहतर जानकारी मिलेगी।
भारत पर क्या पड़ेगा असर?
इरविन ने यह भी कहा कि वह भारत के लिए एक संभावित अवसर को लेकर आशावादी होंगे। कनाडा, चीन और मैक्सिको पर टैरिफ लगने से भारत को फायदा हो सकता है। एक ऐसा परिदृश्य है जहां अमेरिका दूसरे देशों पर ध्यान केंद्रित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच अच्छे संबंधों के कारण, अमेरिकी राष्ट्रपति भारत के प्रति अधिक उदार दृष्टिकोण अपना सकते हैं। लेकिन भारत के लिए खतरा यह होगा कि अगर अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष बढ़ता ही जाता है, तो उसके ट्रंप के निशाने पर आने की संभावना बढ़ जाएगी। इसलिए भारत को इस बारे में सावधान रहना होगा।



