Ignite Your Passion” कार्यक्रम का आयोजन, मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. स्वामी ज्ञानवत्सल ने दिए जीवन में सफलता के मंत्र

रायपुर। राजधानी रायपुर में शनिवार को JITO रायपुर चैप्टर द्वारा आयोजित “PRERNA – IGNITE YOUR PASSION” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वामी ज्ञानवत्सल महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। इस आयोजन में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए, जिसमें युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के मीडिया पार्टनर न्यूज 24 MP-CG और लल्लूराम.कॉम रहे।
स्वामी ज्ञानवत्सल महाराज का संदेश – ‘जीवन में पैशन सबसे बड़ी कमाई’
BAPS स्वामीनारायण संस्था के प्रेरक वक्ता स्वामी ज्ञानवत्सल महाराज ने अपने संबोधन में पैशन और सकारात्मक सोच की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “जीवन में सबसे बड़ी कमाई पैसा नहीं, बल्कि सकारात्मक भाव में रहना है। यदि व्यक्ति पूरे जीवन में उत्कृष्ट विचारधारा के साथ आगे बढ़े, तो वही सबसे बड़ी सफलता है।”
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में कोई भी निर्णय लेने से पहले 100 बार सोचें, लेकिन निर्णय लेने के बाद अगर 100 रुकावटें भी आएं, तो भी उसे पूरा करने का संकल्प बनाए रखें।
BAPS संस्था का योगदान और सफलता का मंत्र
स्वामी ज्ञानवत्सल महाराज ने BAPS स्वामीनारायण संस्था की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह संस्था निस्वार्थ सेवा के आदर्शों को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा, “अगर व्यक्ति के पास सिर्फ 5 रुपए भी हों, लेकिन वह 50 करोड़ का व्यापार करने की सोच रखे, तो उसकी सफलता संभव है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अपने पैशन को कभी न खोए।”
उन्होंने दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए बताया कि संस्था किस तरह से योजना बनाकर, ज़मीन क्रय से लेकर निर्माण और उद्घाटन तक कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करती है।
सकारात्मक सोच और आशावादी दृष्टिकोण पर जोर
स्वामी ज्ञानवत्सल महाराज ने कहा कि, “दूसरों के आनंद में ही हमारा उत्कर्ष है, और दूसरों के आनंद में ही हमारा आनंद छिपा है। यदि हम अपने विचारों को सकारात्मक बनाए रखें, तो सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होगी।
गौरतलब है कि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने स्वामी ज्ञानवत्सल महाराज के विचारों को सराहा और प्रेरणा प्राप्त की। यह आयोजन युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए आत्मविकास और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहा।



