स्वास्थ्य

ये लक्षण दिखें तो सतर्क हो जाएं, हो सकता है Heart Attack का खतरा…

 डेस्क: हमारा हार्ट (हृदय) शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो सर्कुलेटरी सिस्टम का जरूरी भाग है। स्वस्थ हृदय होने से शरीर के अन्य अंग भी स्वस्थ रहते हैं। लेकिन आजकल हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। अनहेल्दी लाइफस्टाइल और अस्वस्थ खानपान के कारण हृदय रोगों की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, यहाँ तक कि यंग जनरेशन भी इस समस्या से जूझ रही है।। इसलिए, हमें अपने हृदय का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर

अक्सर हम हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक जैसा समझ लेते हैं, लेकिन ये दोनों अलग-अलग स्थितियां हैं। हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों को ब्लड की सप्लाई में रुकावट आ जाती है। वहीं, कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब हृदय की धड़कन अचानक रुक जाती है। अगर समय रहते इलाज नहीं किया जाए, तो ये दोनों स्थितियां जानलेवा हो सकती हैं।

अब सवाल यह है कि हम कैसे जानें कि हमारा हृदय स्वस्थ है या नहीं? आइए जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण लक्षणों के बारे में जो शरीर हमें हृदय स्वास्थ्य के संकेत के रूप में देता है।

हार्ट रेट पर ध्यान दें

स्वस्थ व्यक्ति की हार्ट रेट आराम की स्थिति में 60 से 100 बीट प्रति मिनट होती है। अगर आपकी हार्ट रेट 60 से 80 बीट प्रति मिनट के बीच रहती है, तो यह एक अच्छा संकेत है। इसका मतलब है कि आपका दिल सही से काम कर रहा है और ज्यादा मेहनत नहीं कर रहा। तनाव, चिंता, दवाइयाँ और शारीरिक परिश्रम हार्ट रेट पर असर डाल सकते हैं, इसलिए नियमित रूप से इसकी निगरानी करना जरूरी है।

एनर्जेटिक महसूस करना

स्वस्थ हृदय का एक और संकेत यह है कि आप दिनभर एनर्जी से भरे रहते हैं और जल्दी थकान महसूस नहीं होती। अगर आप सीढ़ियां चढ़ने, टहलने या हल्के काम करने पर जल्दी थक जाते हैं, तो यह हृदय से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।

ब्लड प्रेशर पर नजर रखें

स्वस्थ हृदय के लिए नार्मल ब्लड प्रेशर होना जरूरी है। 120/80 mmHg से कम ब्लड प्रेशर नार्मल माना जाता है। अगर आपका सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 130 या उससे अधिक है और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर 90 या उससे अधिक है, तो यह हृदय पर ज्यादा दबाव का संकेत हो सकता है। ब्लड प्रेशर की नियमित जांच करवाना जरूरी है।

दिल से जुड़ी गंभीर समस्याओं के संकेत

सीने में दर्द या भारीपन: सीने में दर्द या भारीपन हृदय रोग का गंभीर संकेत हो सकता है। अगर आपको इस तरह का अनुभव हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

सांस लेने में दिक्कत: अगर आपको थोड़ी सी मेहनत करने पर सांस लेने में दिक्कत होती है या आपको सांस फूलने की समस्या होती है, तो यह हृदय की समस्या का संकेत हो सकता है।

अनियमित हृदय धड़कन: हृदय की धड़कन का बहुत तेज या बहुत धीमा होना भी चिंता का विषय हो सकता है। अगर आपको धड़कन में अनियमितता महसूस हो, तो डॉक्टर से परामर्श लें।

हृदय को स्वस्थ रखने के उपाय

रेगुलर एक्सरसाइज: शारीरिक व्यायाम हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है। रोजाना 30 मिनट की हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें।

संतुलित आहार: ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और स्वस्थ वसा का सेवन करें। तला-भुना और अधिक नमक वाले आहार से बचें।

तनाव का प्रबंधन: मानसिक तनाव हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। योग, प्राणायाम और ध्यान से मानसिक शांति पाई जा सकती है।

नियमित हेल्थ चेक-अप: साल में कम से कम एक बार अपना हेल्थ चेक-अप करवाएं, ताकि कोई भी समस्या समय रहते पकड़ी जा सके।

हृदय स्वास्थ्य की देखभाल करना एक निवेश है, जो लंबे समय तक लाभकारी सिद्ध हो सकता है। अगर आपके शरीर में उपरोक्त लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

डिस्कलेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। हृदय से संबंधित किसी भी समस्या के लिए कृपया डॉक्टर से परामर्श करें। हम जानकारी की सहीता के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।

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