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वक्फ बिल जेपीसी रिपोर्ट पर बोले विपक्षी सांसद, अगला निशाना गुरुद्वारा और चर्च

नई दिल्ली : राज्यसभा में गुरुवार को वक्फ संशोधन बिल पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट पेश की गई। इसके बाद विपक्षी दलों ने विरोध जताते हुए हंगामा किया। विपक्षी सांसदों ने दावा किया कि वक्फ विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट में अन्य धार्मिक समूहों की भूमि को निशाना बनाने के लिए दरवाजा खोलने की कोशिश की गई है। उन्होंने पैनल के विपक्षी सदस्यों द्वारा प्रस्तुत असहमति नोटों के कुछ हिस्सों को संपादित करने पर भी सवाल उठाया। विपक्षी सांसदों ने कहा कि भविष्य में अन्य धार्मिक निकायों की संपत्तियों पर इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि समिति पर संदेह पैदा करने वाले कुछ अंशों को हटा दिया गया है और यह नियमों के अनुसार किया गया है। (संशोधन) विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट पेश होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस ने रिपोर्ट के बताया एकतरफा

जब कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस ने रिपोर्ट को एकतरफा बताते हुए कहा कि हमारी असहमति को रिपोर्ट में जगह नहीं दी गई। विपक्षी सांसदों का कहना है कि, रिपोर्ट में हमारे डिसेंट नोट को नहीं रखा गया। वहीं, सरकार ने आरोपों से इनकार किया। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। समिति के सदस्य कांग्रेस के सैयद नासिर हुसैन ने संसद परिसर में बातचीत में कहा कि रिपोर्ट पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण और एकतरफा है।

उन्होंने कहा कि बैठक में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। गैर-हितधारकों को अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया। हुसैन ने दावा किया कि 97-98 प्रतिशत हितधारकों ने विधेयक का विरोध किया, जबकि जिन गैर-हितधारकों को बुलाया गया था, उन्होंने इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बैठकों के विवरण उपलब्ध नहीं कराए गए, गवाहों के जवाब नहीं दिए गए। हमें समय पर प्रस्तुतियां नहीं दी गईं। हितधारकों के साथ बैठकों के बाद, सदस्यों को बैठकर चर्चा करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

अन्य धार्मिक निकायों की संपत्ति पर भी होगी कार्रवाई

कांग्रेस सदस्य और विपक्षी दलों के कई अन्य सदस्यों ने आशंका व्यक्त की कि भविष्य में विभिन्न धार्मिक निकायों और समूहों के अधीन संपत्तियों पर इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आज वक्फ की बात है, कल गुरुद्वारा की जमीन की बात होगी, फिर मंदिरों की… वे जमीन छीनकर अपने दोस्तों को देना चाहते हैं।

तृणमूल कांग्रेस के सदस्य नदीमुल हक ने रिपोर्ट की निंदा की और कहा कि वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण रोकने के लिए लाया गया विधेयक वापस ले लिया गया। उन्होंने कहा कि एक तरफ वे कह रहे हैं कि वे वक्फ की जमीन बचाना चाहते हैं और दूसरी तरफ उन्होंने उस विधेयक को वापस ले लिया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की महुआ माजी ने कहा कि सरकार की नजर वक्फ की जमीन पर है। आने वाले दिनों में अन्य धर्मों के साथ भी ऐसा होगा।

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