वोट में दिल्लीवाले फर्स्ट क्लास पास! क्या बदलेगा सत्ता का समीकरण?

नई दिल्ली: विधानसभा चुनाव की वोटिंग में दिल्ली फर्स्ट क्लास पास हो गई। सभी 70 विधानसभा सीटों पर बुधवार को हुए मतदान में 60% से ज्यादा वोट पड़े। सबसे ज्यादा लगभग 67% वोट नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली की मुस्तफाबाद सीट पर पड़े। वहीं सबसे कम 47.40% मतदान सेंट्रल दिल्ली की करोल बाग सीट में हुआ।
ओवरऑल इस बार कम वोटिंग
हालांकि पिछले तीन विधानसभा चुनावों के मुकाबले ओवरऑल इस बार कम वोटिंग हुई। साल 2020 के मुकाबले इस बार वोटिंग प्रतिशत में दो फीसदी की कमी आई। समाचार लिखे जाने तक इस बार दिल्ली में 60.4% वोटरों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। हालांकि, आंकड़ा फाइनल नहीं है। फिर भी झुग्गी बस्तियों, कच्ची कॉलोनियों और देहाती इलाकों में तुलनात्मक रूप से ज्यादा वोटिंग हुई। अधिकांश पॉश इलाकों में पहले की तरह ही कम मतदान हुआ। साल 2013 में 65.63%, 2015 में 67.12% और 2020 में 62.59% वोटिंग हुई थी। तीनों बार दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी थी। साल 2015 और 2020 में तो एग्जिट पोल ने कड़े मुकाबले की बात कही थी, लेकिन AAP एकतरफा जीती थी। इस बार भी कई एग्जिट पोल बीजेपी तो कुछ AAP को आगे बता रहे हैं।
शुरुआती घंटों में सुस्त रही वोटिंग
बुधवार को हुए मतदान में शुरुआती 4 घंटे तक मतदान प्रक्रिया काफी सुस्त रही। इसके बाद तेजी तो आई लेकिन उतनी अधिक नहीं कि मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी हो। अनधिकृत कॉलोनियों, झुग्गी बस्तियों, मुस्लिम बहुल इलाकों और अन्य सभी जगहों पर भी मतदान धीमी रही। सेंट्रल दिल्ली स्थित बल्लीमारान, मटिया महल, चांदनी चौक, सदर बाजार विधानसभा क्षेत्रों में बने बूथों पर मुश्किल से पांच या सात लोग ही शुरुआती चरण में नजर आए। लेकिन, 11 बजे के बाद मतदान केंद्रों पर भीड़ बढ़ने लगी।
कितने बजे कितना मतदान?
सुबह 9 बजे तक सभी 70 विधानसभाओं में कुल 8.10 प्रतिशत मतदान रेकॉर्ड किया गया। 11 बजे तक तजी आई और इस समय तक कुल मतदान का आंकड़ा 20 प्रतिशत पहुंच गया। दोपहर 12 बजे के बाद मतदाता घर से निकलना शुरू हुए और इसके बाद काफी तेजी देखी गई। इस दौरान मतदान प्रतिशत कुल 40 प्रतिशत के आसपास पहुंच गया। शाम 5 बजे तक 57.9 प्रतिशत मतदान हुआ। दिल्ली चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक शाम 6 बजे तक कुल 60.40 प्रतिशत मतदान हुआ।
सीलमपुर दूसरे स्थान
सबसे अधिक मतदान नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र में हुई। पिछले विधानसभा चुनाव की तरह दूसरे नंबर पर सीलमपुर विधानसभा सीट है। यहां कुल 68.6 प्रतिशत मतदान हुआ। महरौली विधानसभा क्षेत्र में इस बार सबसे कम मतदान हुआ। यहां 53 प्रतिशत ही मतदान हुआ। 2020 विधानसभा चुनाव के दौरान सबसे अधिक मतदान बल्लीमारान विधानसभा क्षेत्र में 71 प्रतिशत हुआ था। 2008 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला मौका है जब मतदान प्रतिशत कम रहा। तब 57.6 प्रतिशत मतदान हुआ था।


