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12 लाख तक की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं तो 4 से 8 लाख पर 5% का स्लैब

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में मध्यम वर्ग और सैलरीड क्लास को बड़ी राहत का ऐलान किया है। अब 12 लाख रुपये तक कमाने वालों को इनकम टैक्स के रूप में एक पैसा भी नहीं देना है। सैलरीड लोगों को 75 हजार रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का भी लाभ मिलता है यानी अगर कोई वेतनभोगी 12.75 लाख रुपये तक कमाता है तो उसे भी कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स नए टैक्स स्लैब को लेकर कन्फ्यूज हैं। नए या प्रस्तावित टैक्स स्लैब के मुताबिक 0-4 लाख रुपये आय पर जीरो टैक्स है लेकिन 4-8 लाख पर 5 प्रतिशत और 8-12 पर 10 प्रतिशत इनकम टैक्स है। हायर इनकम वालों पर टैक्स रेट हाई है। कुछ यूजर सवाल कर रहे हैं कि अगर 12 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री है तो फिर 4 से 8 लाख की आय पर 5 प्रतिशत या फिर 8 से 12 लाख की आय पर 10 प्रतिशत का इनकम टैक्स क्यों? अगर आपके मन में भी ये कन्फ्यूजन है तो दूर कर लीजिए और असली बात समझ लीजिए।

ऊपर ये तो स्पष्ट है कि 12 लाख या फिर सैलरीड के मामले में 12.75 लाख रुपये तक की आमदनी वालों को बिल्कुल भी टैक्स नहीं देना होगा। लेकिन इससे अधिक कमाने वालों पर टैक्स लगेगा। उस टैक्स की गणना कैसे होगी, उसके लिए टैक्स स्लैब होते हैं। निर्मला सीतारमण ने नए टैक्स स्लैब का भी ऐलान किया है और उसका फायदा उन लोगों को भी मिलेगा जो 12 लाख रुपये से ज्यादा कमाते हैं।

सबसे पहले प्रस्तावित टैक्स स्लैब पर नजर डाल लेते हैं। साथ ही पिछले टैक्स स्लैब पर भी निगाह डालते हैं क्योंकि पूरी बात को समझने के लिए ये जानना जरूरी है।

नया टैक्स स्लैब (2025-26)

इनकम इनकम टैक्स
0-4 लाख 0 प्रतिशत
4-8 लाख 5 प्रतिशत
8-12 लाख 10 प्रतिशत
12-16 लाख 15 प्रतिशत
16-20 लाख 20 प्रतिशत
20-24 लाख 25 प्रतिशत
24 लाख से ऊपर 30 प्रतिशत

पुराना टैक्स स्लैब (2024-25)

इनकम इनकम टैक्स
0-3 लाख 0 प्रतिशत
3-7 लाख 5 प्रतिशत
7 से 10 लाख 10 प्रतिशत
10-12 लाख 15 प्रतिशत
12-15 लाख 20 प्रतिशत
15 लाख से ऊपर 30 प्रतिशत

ज्यादा कमाने वालों को भी बड़ी राहत
अगर पिछले साल के स्लैब और नए स्लैब पर नजर डालेंगे तो साफ है कि 12 लाख से ऊपर कमाने वालों को भी इनकम टैक्स में बड़ी राहत मिली है। पहले 15 लाख से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स लगता था लेकिन अब 12-16 लाख तक की आय पर महज 15 प्रतिशत टैक्स लगेगा। 16-20 लाख पर 20 प्रतिशत, 20-24 लाख पर 25 प्रतिशत और 24 लाख से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स लगेगा।

12 लाख तक की आय टैक्स फ्री का मतलब
अगर आपके मन में ये सवाल आ रहा है कि 12 लाख रुपये तक जब जीरो टैक्स है तो फिर ये 4 लाख रुपये से ऊपर की आय पर टैक्स रेट क्यों हैं, ये स्लैब क्यों हैं तो इसका जवाब समझ लीजिए। इनकम टैक्स स्लैब इसलिए होता है ताकि उसके हिसाब से टैक्स की गणना हो। 12 लाख रुपये तक कमाने वालों के लिए भी टैक्स की गणना स्लैब के हिसाब से ही होगी लेकिन यहां पर उन्हें सरकार ने इनकम टैक्स की धारा 87 ए के तहत टैक्स रिबेट देती है। अब नए टैक्स रिजीम वालों के लिए सेक्शन 87 ए के तहत टैक्स रिबेट 60 हजार रुपये कर दिया है। 12 लाख रुपये की आदमनी पर स्लैब के हिसाब से 60 हजार रुपये का टैक्स बनेगा जो कि रिबेट के तौर पर माफ हो जाएगा यानी जीरो टैक्स देनदारी।

और बेहतर समझने के लिए पीआईबी की तरफ से जारी इस चार्ट को देख लीजिए, जो ऊपर दिया गया है। ये तो पता है कि पहले 7 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं था। अब 8 लाख रुपये से ज्यादा आय का गणित समझ लीजिए। अगर किसी की इनकम 8 लाख रुपये है तो मौजूदा स्लैब के मुताबिक उसे 30000 टैक्स देना होता और नए स्लैब के हिसाब से 20 हजार रुपये लेकिन इतना ही उसे रिबेट का फायदा मिलेगा यानी जीरो टैक्स। 9 लाख तक आय पर मौजूदा स्लैब के हिसाब से 40 हजार टैक्स बनता। नए स्लैब के हिसाब से 30 हजार टैक्स बनेगा और रिबेट भी 30000 का यानी जीरो टैक्स। इस तरह 12 लाख रुपये तक जो भी टैक्स बनेगा वो रिबेट के तौर पर एक तरह से माफ हो जाएगा, ऐसा कह सकते हैं।

अब अगर किसी की आय 13 लाख रुपये है तो उसे टैक्स देना होगा-

  • 4 लाख पर 0% + 4-8 लाख पर 5% + 8-12 लाख पर 10% + 12 से 13 लाख पर 15%
  • यानी 0+20000+40000+15000= 75000 रुपये टैक्स

इसी तरह 14 लाख आय पर 90 हजार रुपये टैक्स, 15 लाख पर 105000 रुपये, 16 लाख पर 120000 रुपये टैक्स देना होगा। पुराने टैक्स स्लैब के हिसाब से 16 लाख रुपये पर 1 लाख 70 हजार रुपये टैक्स देना होता लेकिन नए स्लैब के हिसाब से सिर्फ 120000 रुपये टैक्स देना होगा।

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