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किसान ने बना डाली बाइक, 10 रुपए में 50KM, जानकारी लेने पहुंच रहे हैं लोग

फर्रुखाबाद: बढ़ते प्रदूषण और महंगाई की मार से हर कोई तंग है लेकिन इससे निजात का कोई बड़ा और बेहतर समाधान दूर-दूर तक दिख नहीं रहा है. इसी से राहत के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को औऱ सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है लेकिन इस राह में भी कम मुश्किलें नही हैं. इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली बैटरी को बनाने और उसे रोज चार्ज करने के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली बनने में बहुत प्रदूषण होता है. इसलिए कहा जाता है कि देखने में तो इलेक्ट्रिक वाहन धुंआ छोड़ते हुए नहीं दिखते लेकिन इनके चलने के पीछे भी प्रदूषण का बड़ा ढ़ेर है. दूसरी तरफ सौर ऊर्जा है तो उससे रात के समय, ठंड के सीजन में औऱ बरसात में पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाती. लेकिन प्रदूषण औऱ महंगे पेट्रोल-डीजल से हर कोई राहत चाहता है. ऐसे में एक किसान ने अनोखी बाइक बना डाली है.

फर्रुखाबाद में वाहनों के बढ़ते प्रदूषण और इससे होने वाली हानि और बीमारियों से एक किसान इस कदर परेशान हो गया कि उसने अनोखी इलेक्ट्रॉनिक बाइक बना डाली. लोकल18 को किसान ने बताया कि पुरानी बाइक, कबाड़ और कुछ नए पार्ट मिलाकर बनाई गई यह इलेक्ट्रॉनिक बाइक करीब 10 रुपये के खर्च पर 50 किमी तक चलती है. यह बाइक पीछे बैक भी हो जाती है. किसान ने 16 साल पुरानी पेट्रोल बाइक को पूरी तरह से ईवी इलेक्ट्रॉनिक बाइक में बदल दिया है. बाइक को बनाने में महज 30 से 35 हजार रुपये का खर्च आया है.

ई-बाइक बनाने को कबाड़ और ऑनलाइन खरीदकर चीजें जुटाई
किसान श्रीकांत ने ई-बाइक के लिए पुराने कबाड़ से कुछ सामान लिया. इसके बाद कुछ पार्ट्स ऑनलाइन ऑर्डर करके मंगवा लिए. इसके बाद कुछ बड़े मैकेनिक से सीखा और सलाह भी ली. फिर काम शुरू किया. 10 से 15 दिन की कड़ी मेहनत और ट्रायल के बाद उन्होंने पेट्रोल बाइक को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक बाइक में बदल दिया. किसान का दावा है कि बाइक आसानी से बैक भी हो जाती है. इसमें चैन भी नहीं लगी है. श्रीकांत ने बताया कि पेट्रोल इंजन निकालकर उसकी जगह पर 60 वोल्ट की एक बैटरी 30 हजार एमएच की रख दी है. पीछे वाले पहिए में 1,000 वॉट का हब मोटर लगा दिया है.

किसान को ई-बाइक बनाने का किस तरह आया आइडिया
जिले के रहने वाले किसान श्रीकांत खेती करते हैं और वह आटा चक्की चलाने का काम करते हैं. उन्होंने बताया कि उनके पास 16 साल पुरानी पेट्रोल से चलनी वाली बाइक थी. एक बार वह रोड पर निकले तो देखा कि उनके आगे जा रही एक पुरानी बाइक काफी धुआं दे रही थी. इस पर उन्हें ध्यान आया कि उनकी बाइक से भी प्रदूषण होता होगा. प्रदूषण से कई बीमारियां भी बढ़ती हैं. इस पर उनके दिमाग में बाइक को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक बनाने का आइडिया आया.

ई-बाइक की बैटरी फुल चार्ज करने के मात्र डेढ़ यूनिट बिजली की होती जरूरत
किसान श्रीकांत का दावा है कि एक बार बैटरी को फुल चार्ज करने में करीब डेढ़ यूनिट बिजली खर्च होती है. इस हिसाब से करीब 10 रुपये का खर्च आता है. एक बार फुल चार्ज होने के बाद बाइक 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से करीब 50 किमी से ऊपर तक चलती है. बैटरी को बाइक के पीछे लगा देने पर इसे पेट्रोल और बैटरी दोनों से चलाया जा सकता है. किसान श्रीकांत का कहना है कि पेट्रोल से चलने वाली बाइक 1 लीटर पेट्रोल में 50 से 60 किमी तक जाती हैं जिसका खर्च करीब 108 रुपये तक आता है. ऐसे में उनकी बनाई बाइक काफी बचत वाली है.

ई-बाइक से एक बार में ले जा सकते हैं 3 कुंटल तक वजन
ई-बाइक बनाने वाले किसान श्रीकांत का दावा है कि अगर मोटर साइकिल पर वजन ज्यादा लोड हो तो भी बाइक आगे बढ़ती चली जाती है. दो-तीन लोग आराम से सामान समेत बैठ सकते हैं. इसका मेंटीनेंस भी न के बराबर है. पेट्रोल बाइक में 2 से 4 हजार किलोमीटर चलने के बाद करीब हजार रुपये का खर्च आता है. वहीं उसका इंजन बनवाने में करीब 6 हजार रुपये का खर्च आता है.

उन्होंने बताया कि इस ई-बाइक की खास बात यह है कि इससे कोई प्रदूषण भी नहीं होता है. यह ज्यादा आवाज भी नहीं करती है. किसान श्रीकांत ने बताया कि नई पेट्रोल और इलेक्ट्रिक बाइकें काफी महंगी आ रहीं हैं. ऐसे में जिनके पास पुरानी और बेकार बाइकें पड़ी हैं वे उसे ई-बाइक में आसानी से कनवर्ट करा सकते हैं. पुरानी मोटरसाइकिल वाले कुछ लोग उनके पास जानकारी के लिए भी आ रहे हैं.

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