शख्स को बताया था मरा हुआ, फिर शरीर में हुई हलचल, उड़े सबके होश!

इस खौफनाक मामले का जिक्र विसिलब्लोअर लिकोलेटा मार्टिन ने अमेरिकी कॉन्ग्रेस की प्रतिनिधि सभा की ऊर्जा और वाणिज्य समिति की सुनवाई में किया है. जिसमें देश के अंगप्राप्ति और प्रत्यारोपण तंत्र की चर्चा हो रही थी. अमेरिका की जन प्रसार संस्था नेशनल पब्लिक रेडियो की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस मामले में दानकर्ता ने तब जीवित रहने के संकेत दिखाए जब उसके दिल की प्रत्यरोपण की फिटनेस के लिए जांच की जा रही थी. मार्टिन बताया कि दानकर्ता कार्डिएक कैथेरटेराइजेशन प्र्करिया के दौरान जाग गया था और टेबल पर थरथरा रहा था.
क्या हुआ था मरीज के साथ
यह घटना 36 साल के एंथोनी थॉमस टीजे हूवर II के साथ हुई ती जिसे ड्रग ओवर डोज की वजह से केंचुकी के रिचमेंट के बैप्टिस्ट हेल्थ हॉस्पिटल में फौरन ले जाया गया, जहां उसे कार्डिएक अरेस्ट की वजह से दिमागी तौर पर मृत घोषित कर दिया गया और उससे लाइफ सपोर्ट हटा दिया गया. इसके बाद उसकी मर्जी के मुताबिक उसके अंगों को दान करने की तैयारी शुरू कर दी गई.
मृत घोषित होने के बाद
जब टीजे को मृत घोषित किया गया तो उसके पास उसकी बहन डोना रोरेर और अन्य रिश्तेदार था. रोरेर बताती हैं कि उस समय उसकी आंखें खुली थी और ऐसा लग रहा था कि वह ऑपरेशन थिएटर की दूसरी ओर देख रहा है. स्टाफ ने बताया कि यह मौत के बाद का सामान्य रिप्लेक्स है. लेकिन जब अंगदान की तैयारी करते समय स्टाफ टीजे की जांच कर रहा था, तब वह हिलने लगा जिससे स्टाफ सकते में आ गया. ऐसे में उसके अंगदान की प्रक्रिया रोक दी गई. सौभाग्य से टीजे जिंदा रहा और अब वह बोलचाल याद्दाश्त जैसी कुछ समस्याओं के साथ अपनी बहन की देखभाल में है.
अंगदान की समय सीमा की समस्या
मामला फेडरल हेल्थ रिसोर्से एंड सर्विसेस एडमिनिस्ट्रेशन के तहत जांच के दायरे में हैं. अस्पताल ने मरीजों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया, जबकि मार्टिन को नियुक्त करने वाली केंचुकी ऑर्गने डोनेट एफीलिएट (कोडा) का कहना है कि मामला सही तरह से पेश किया ही नहीं गया. यदि मरीज की हालत में सुधार ना हो और दान के निर्धारित समय के अंदर उसे कार्डिएक अरेस्ट ना आए तो मरीज के घरवालों से कह दिया जाता है कि अंगदान की प्रक्रिया नहीं हो सकती. इस मामले में यही हुआ थी.



