छत्तीसगढ़

पूर्व सीएम बघेल ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखा पत्र, साजिश रचने का आरोप

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र में पूर्व सीएम बघेल ने कोयला परिवहन और महादेव सट्टा ऐप मामले में उनके खिलाफ रची जा रही साजिश के संबंध में अपनी बात कही है। उन्होंने पत्र में कहा है कि छत्तीसगढ़ में केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के कामकाज के संदर्भ में संविधान की सर्वोच्चता को बनाए रखने के लिए सर्वोच्च न्यायालय हस्तक्षेप करें. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा है।

उन्होंने उच्चतम न्यायालय से केंद्रीय एजेंसियों और राज्य की एजेंसियों की भूमिका और कामकाज की उच्च-स्तरीय न्यायिक जांच की जाने का अनुरोध किया है। इस जांच की निगरानी या तो कोई उच्च न्यायालय करे या फिर आप सर्वोच्च न्यायालय की ओर से इसकी निगरानी के आदेश जारी करने का निवेदन किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क्या कहा है पत्र में ?

इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि कोयला परिवहन में कथित अवैध वसूली का प्रकरण राज्य में नवंबर, 2023 में हुए चुनाव के पहले दर्ज किया गया था. इस प्रकरण में जो गिरफ्तारियां हुईं उसके अतिरिक्त जिन लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया, उनको ईडी ने शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और यह दबाव बनाया कि वे इस अपराध में किसी भी तरह मेरी (भूपेश बघेल) की संलिप्तता का बयान दें. उन्होंने लिखा है कि मेरे मुख्यमंत्रित्व काल में ‘महादेव ऐप’ के नाम से संचालित अवैध ऑनलाइन सट्टा  व्यवसाय के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरु हुई. मेरी सरकार ने महादेव ऐप से माध्यम से ऑनलाइन सट्टा कारोबार चलाने वाले लोगों के ख़िलाफ़ 72 प्रकरण दर्ज किए. सैकड़ों बैंक खाते सील किए गए और करोड़ों की राशि ज़ब्त की गई. मेरी ही सरकार ने महादेव ऐप के संचालकों के ख़िलाफ़ लुक आउट नोटिस जारी किया और केंद्र सरकार से गुहार लगाई कि चूंकि ये अपराधी विदेश भाग गए हैं इसलिए केंद्र सरकार उन्हें गिरफ़्तार कर भारत लाने की कार्रवाई करे. परंतु केन्द्र सरकार ने कोई कार्रवाई न करके इसे राजनीतिक रंग दिया. 

इसके अलावा पत्र में ये भी कहा गया है कि इन्हीं प्रकरणों के आधार पर ईडी ने जुलाई, 2022 में पीएमएलए के तहत यह मामला अपने हाथ में लिया और जांच शुरु की. ईडी ने कुछ गिरफ्तारियां कीं. इसके बाद सेक्शन 50 के बयानों के आधार पर कार्रवाइयां शुरु हुई. प्रदेश में चुन चुन कर मेरे सभी क़रीबी लोगों पर इन कथित बयानों के आधार पर छापे मारे गए. मेरे राजनीतिक सलाहकार, मेरे दो विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारियों और मेरे क़रीबी मित्र के घर ईडी की टीम ने  23.08.2023 को छापे मारे. ईडी ने जो चालान अदालत में पेश किया है उससे स्पष्ट कि इनमें से किसी के ठिकानों पर अपराध से जुड़ा ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि उन्हें अभियुक्त बनाया जा सके. पर ईडी का उद्देश्य तो चुनाव से पहले प्रदेश में यह संदेश देना था कि भूपेश बघेल के क़रीबी लोगों के घर ऑनलाइन सट्टेबाज़ी के मामले में ईडी की कार्रवाई हुई है. वह उद्देश्य पूरा हो गया. 

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