5923 फर्जी शादियां दिखाकर 30 करोड़ निकाले! एमपी के पूर्व मंत्री के साले शोभित त्रिपाठी पर ED का बड़ा एक्शन

Bhopal News: एमपी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से जुड़े करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी के भोपाल जोनल कार्यालय ने सिरोंज जनपद पंचायत के पूर्व सीईओ शोभित त्रिपाठी की लगभग 5 करोड़ की संपत्ति अटैच कर ली है. बताया गया कि शोभित त्रिपाठी पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के साले हैं. ईडी ने यह सख्त कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की है.
30 करोड़ से अधिक के घोटाले का आरोप
ईडी द्वारा की गई जांच के अनुसार, शोभित त्रिपाठी वर्ष 2019 से लेकर नवंबर 2021 तक सिरोंज जनपद पंचायत में बतौर सीईओ पदस्थ थे. इस दौरान उन्होंने अन्य सहयोगियों और लोगों के साथ मिलकर योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं कीं. आरोप है कि कोराना काल के दौरान शोभित त्रिपाठी ने 5,923 संदिग्ध एवं फर्जी विवाह प्रकरण तैयार किए. इनके जरिए 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की सरकारी सहायता राशि निकाली और बांटी.
कोरोना काल के दौरान फर्जीवाड़ा
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश के गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है. जांच में सामने आया कि शोभित त्रिपाठी ने कोरोना काल के दौरान भी इस योजना में भारी गड़बड़ी की. कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के समय जब पूरे राज्य में सार्वजनिक विवाह आयोजनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा था, तब भी अपात्र लोगों को विवाह सहायता राशि दी गई.
फर्जी दस्तावेज और बैंक खातों से नकद निकासी
ईडी की जांच में इस फर्जीवाड़े के पूरे तरीके का खुलासा हुआ है. योजना का अनुचित लाभ उठाने के लिए अपात्र हितग्राहियों के नाम पर फर्जी आवेदन पत्र और नकली दस्तावेज तैयार किए गए थे. इन फर्जी प्रमाण-पत्रों के सहारे सरकारी सहायता राशि मंजूर करवाई गई. इसके बाद योजना का पैसा विशिष्ट बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया. बैंक खातों में रकम पहुंचते ही अलग-अलग किस्तों में नकद राशि निकाल ली गई.
2 सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के बाद ईडी ने शोभित त्रिपाठी को 2 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद से ही वह न्यायिक हिरासत में हैं. अब ईडी की भोपाल जोनल टीम ने उनकी 5 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच करके शिकंजा और कस दिया है.



