एनिमल एक्टिविस्ट जागृति के शेल्टर पर हथोड़ा चलाने वाले JE को CM रेखा गुप्ता ने नहीं बख्शा, कराया सस्पेंड

राजधानी दिल्ली में इन दिनों एक बड़ा और हाई-प्रोफाइल मामला सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक पूरी तरह छाया हुआ है. एनिमल वेलफेयर एक्टिविस्ट जागृति मिश्रा के शेल्टर में हुई अवैध तोड़फोड़ और कथित बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐसा धांसू और कड़ा एक्शन लिया है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है. इस मामले में लापरवाही और मनमानी बरतने वाले म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) के जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) विकास कुमार गुप्ता को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख ने साफ कर दिया है कि जनता के साथ ज्यादती या पद का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
पीड़ित एक्टिविस्ट से मुलाकात और 5 लाख की मदद
रविवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद आगे आकर एनिमल एक्टिविस्ट जागृति मिश्रा से मिलीं और उन्हें हरसंभव मदद का पूरा भरोसा दिलाया. सीएम ने सिर्फ जुबानी जमाखर्च नहीं किया, बल्कि सीएम रिलीफ फंड से तुरंत 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता का भी ऐलान कर दिया. इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट को नया एनिमल शेल्टर सेटअप करने में पूरी मदद करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दो टूक लिखा कि उनकी सरकार नागरिकों के उत्पीड़न या अधिकारों के दुरुपयोग को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी.
घूसखोरी के आरोपों से शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा मामला तब गरमाया जब शेल्टर पर कथित रूप से घूसखोरी के आरोपों के बाद बुलडोजर कार्रवाई की गई थी, जिससे हड़कंप मच गया था. MCD के ऑर्डर के मुताबिक, सस्पेंशन पीरियड के दौरान आरोपी जेई विकास कुमार गुप्ता बिना अनुमति के स्टेशन नहीं छोड़ सकते और उनका हेडक्वार्टर सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर (आउटर नॉर्थ जोन) का ऑफिस रहेगा. इस एक्शन के बाद राजनीति भी पूरी तरह गरमा गई है, जहां आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह ने भी जागृति मिश्रा से मुलाकात कर पार्टी का पक्ष स्पष्ट किया और गलतफहमी दूर करने की बात कही. बहरहाल, रेखा गुप्ता के इस क्विक और सॉलिड एक्शन ने यह साबित कर दिया है कि न्यू इंडिया में जनता के साथ अन्याय करने वालों का गेम बजाना सरकार को अच्छी तरह आता है.



