‘आतंकवादी हमले की आशंका’, पंजाब नंबर का ट्रक मंदिर की NO ENTRY में कैसे घुसा? 16 की जान गई, SIT जांच की मांग

ग्वालियर: सातौ गांव में स्थित शीतला माता मंदिर के वार्षिक मेले में रविवार तड़के एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं और दुकानदारों के ऊपर चढ़ गया। इस भीषण हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि लगभग 40 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसा रविवार तड़के करीब 1:30 बजे हुआ, जब मेले में भारी भीड़ मौजूद थी। घटना के बाद से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मंदिर समिति ने जताई आतंकी हमले की आशंका
इस बीच, शीतला माता मंदिर की प्रबंधन समिति ने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और इसके पीछे किसी गहरी साजिश या सुनियोजित आतंकी हमले की आशंका जताते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम से जांच कराने की मांग की है।
मंदिर समिति ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गुर्जर की ओर से 18 अक्टूबर को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जब मेले में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध था, तो आखिर इतनी रात को वह ट्रक भीड़ के बीच कैसे पहुंच गया। समिति ने इसे सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में गंभीर लापरवाही करार दिया है।
फॉरेंसिक सबूत नहीं आया सामने
हालांकि, स्पष्ट किया गया है कि आतंकी एंगल फिलहाल मंदिर समिति द्वारा उठाया गया एक संदेह और आरोप है, और इस बात का कोई आधिकारिक या फॉरेंसिक सबूत सामने नहीं आया है कि यह कोई तयशुदा आतंकवादी हमला था। इसके बावजूद, समिति ने प्रशासन से मांग की है कि इस बात की गहराई से जांच होनी चाहिए कि वाहन को रोकने के इंतजाम क्यों विफल हुए।
घायलों और मृतकों के लिए मुआवजे का ऐलान
घटना के तुरंत बाद स्थानीय दुकानदारों और श्रद्धालुओं ने राहत एवं बचाव कार्य में अपनी भूमिका निभाई। इस दुखद घड़ी में मंदिर प्रबंधन समिति ने मानवता का परिचय देते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को 50,000 रुपये और प्रत्येक घायल व्यक्ति को 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल
समिति का कहना है कि इस बात की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए कि आखिर किसकी लापरवाही के कारण इतनी बड़ी जानमाल की हानि हुई। पीड़ितों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके में हर कोई इस बात से स्तब्ध है कि खुशियों का मेला पलभर में कैसे मातम में बदल गया।



