डूब क्षेत्र में बिजली की मांग और स्थायी कनेक्शन के लिए 21 दिन से दे रहे धरना, 240 किसानों पर FIR

नोएडा : सीएम का घेराव करने की चेतावनी के बाद बिजली कनेक्शन के लिए धरना दे रहे 40 नामजद और 200 अज्ञात किसानों के खिलाफ सेक्टर 113 थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोप है कि 21 सितंबर को सेक्टर 123 पृथला फ्लाईओवर के पास डूब क्षेत्र में बिजली के दौरान उग्र भाषण भगदड़ मची, भीड़ सड़क पर पहुंचकर नारे बाजी की और शहर में जाम की स्थिति बनी।
आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग पर पहुंचकर सड़क जाम की सरकारी गमले और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस के रोकने पर गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। हंगामे के दौरान भगदड़ से राहगीरों में भी अफरातफरी मच गई थी। बताया जा रहा है कि 21 सितंबर को किसानों ने भाषण के दौरान सीएम के कार्यक्रम में घेराव करने की चेतावनी दी थी। पुलिस ने अगले दिन उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
सब इंस्पेक्टर की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
सेक्टर 123 पूर्थला चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर अंकित शर्मा की शिकायत पर केस दर्ज हुआ है। उन्होंने बताया कि भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा 6 सितबर से पृथला फ्लाईओवर के पास सड़क किनारे डूब क्षेत्र में नए बिजली कनेक्शन की माग को लेकर धरना दे रहे है। पुलिस का आरोप है कि धरने में लाउडस्पीकर से नारेबाजी की जाती है, जिससे लोगों को परेशानी होती है।
बिजली के अस्थायी कनेक्शन मिलने का लोग विरोध कर रहे है। किसान नेता सुखबीर खलीफा ने कहा कि जहां अस्थायी कनेक्शन दिए है, वहा के खभे ही नहीं है। स्थायी कनेक्शन दिए जाएं।
भारतीय किसान परिषद का धरना 21वें दिन भी जारी रहा
डूब क्षेत्र में बिजली उपलब्ध कराने की मांग को लेकर भारतीय किसान परिषद का धरना रविवार को 21वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ पुरुष भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ गोला-लाठी लगाकर प्रदर्शन किया। साथ ही एक युवक के हाथ-पैर बंधक बना विभाग को चेतावनी दी कि यदि डूब क्षेत्र में रहने वाले कामगार वर्ग के लोगों को बिजली नहीं मिली तो विभाग के कार्यालयों को बंद कराने की रणनीति अपनाई जा सकती है।
भारतीय किसान परिषद का दावा है कि डूब क्षेत्र में करीब ढाई से तीन लाख लोग बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में रह रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार और संबंधित विभाग के अधिकारियों के सामने लगातार अपनी मांग रखी जा रही है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जिस परिवार पर बिजली के अभाव की परेशानी गुजर रही है, वही उसकी वास्तविक स्थिति समझ सकता है। धरने के दौरान भूख हड़ताल कर रही दो महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।



