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PoK, लादेन और आतंकवाद… शहबाज ने कश्मीर का नाम लिया तो भारत ने UNGA में धो डाला

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सेशन में पाकिस्तान के पीएम शाहबाज  शरीफ की तरफ से जम्मू कश्मीर पर दिए गए बयान पर भारत ने पलटवार किया. साथ ही इसे अजीबोगरीब बताते हुए, जम्मू और कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग करार दिया है. साथ ही इस मुद्दे पर किसी तरह का समझौता न करने की बात भी कही गई है.

भारत की राजनयिक पेटल गहलोत ने साफ कहा है कि पाकिस्तान की आतंकवाद, धोखेबाजी और दोहरेपन की नीति से न तो उसे और न ही दुनिया को कोई फायदा होगा. 

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा है कि आज दोपहर जनरल असेंबली ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि की कुछ अजीब बातें सुनीं. यह घटना न्यूयॉर्क शहर और दुनिया के सबसे भयानक आतंकवादी हमले की 25वीं बरसी मनाने के ठीक दो हफ्ते बाद हुई है. 

उन्होंने कहा, ‘इस संदर्भ को ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि इसका मास्टरमाइंड, ओसामा बिन लादेन, पाकिस्तानी सेना के प्रमुख अकादमी के ठीक पास रह रहा था. यह वही संस्था थी, जिसके सामने आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने इतना गहरा सम्मान दिखाया, लेकिन पाकिस्तान के लोग जिसे खुद फॉर्म 47 सरकार कहते हैं , उससे ऐसी ही उम्मीद की जा सकती है.’

फॉर्म 47 सरकार एक टर्म है. इसका इस्तेमाल राजनीतिक तौर पर विपक्षी पार्टियां पाक पीएम शाहबाज शरीफ के गठबंधन के लिए करती रही है. वहां की विपक्षी पार्टियां मुख्य तौर पर इमरान खान की पीटीआई चुनावी नतीजों में हेरफेर का आरोप शाहबाज शरीफ सरकार पर लगाती रही हैं.  

उनके कठपुतली आते-जाते रहते हैं

भारतीय अधिकारी ने कहा, ‘हमने लोकतांत्रिक अधिकारों और मानवीय मूल्यों पर एक ऐसे शासन की ओर से पाखंडी उपदेश सुने, जिसकी राजधानी इस समय अपने लोगों के खिलाफ मजबूत की जा रही है.’

उन्होंने आगे कहा कि ऐसा इस वजह से हो रहा है, क्योंकि यह सेना का, सेना द्वारा और सेना के लिए शासन है. उनके कठपुतली आते-जाते रह सकते हैं, लेकिन हमें इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि फैसले कौन करता है. 

‘कट्टरता, नफरत का लंबा रिकॉर्ड है’ 

गहलोत ने कहा, ‘पाकिस्तान की असलियत उसके 27वें संशोधन में है. साथ ही उनके वास्तविक शासन को दी लाइफ लॉन्ग इम्यूनिटी में व्यक्त होती है. हमने जो विचार सुने हैं, वे उन लोगों की तरफ से आए हैं, जिनका कट्टरता, नफरत का लंबा रिकॉर्ड रहा है. वे दिन में सिक्योरिटी का दावा करते हैं और रात में आतंकवाद को अंजाम देते हैं.’ 

J&K मेरे देश का अभिन्न-अविभाज्य हिस्सा है: पेटल गहलोत

भारत की तरफ से बयान में आगे कहा गया कि इस महासभा में धार्मिक असहिष्णुता को लेकर उन लोगों की तरफ से टिप्पणियां की गई है, जिनका मुख्य आधार ईशनिंदा कानून हैं. दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है. कोई भी पवित्र उपदेश दुनिया को भटका नहीं सकता. 

इधर, भारत की तरफ से जम्मू कश्मीर के मुद्दे के जिक्र पर कहा गया है कि जम्मू कश्मीर का जिक्र किया गया. यह मेरे देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है. हमेशा रहेगा. लेकिन अगर हमें कश्मीर से जुड़ी चर्चा करनी ही है, तो आइए पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर की ओर ध्यान दें. रावलकोट के लोगों से वहां लंबे समय से झेली जा रही मनमानी हत्याओं, क्रूर हिंसा और बुनियादी अधिकारों से वंचित किए जाने के बारे में पूछिए.

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