पेड़ और लकड़ी का डंडा, आदिवासी व्यक्ति से 25 मिनट की जंग में हार गया ‘बाहुबली’ भालू, भागा जंगल

अनूपपुर: मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में अपने गांव के पास जंगल में लकड़ी चुनने गए आदिवासी व्यक्ति पर भालू ने हमला कर दिया है। 35 वर्षीय शख्स ने इससे घबराया नहीं और 20-25 मिनट तक भालू से मुकाबला दिया है। इसके बाद भालू का हार मानना पड़ा है।
लकड़ी के डंडे से भालू को दी मात
जंगली भालू ने जैसे सुरेश बैगा पर हमला किया तो वह पेड़ पर चढ़ गए। भालू भी पीछा करते हुए पेड़ पर चढ़ने की कोशिश करने लगा। इस दौरान वह डंडे की मदद से भालू को दूर रखने में कामयाब रहे। साथ ही अपनी जान बचाई है।
लकड़ी के लिए गए थे जंगल
भोलगढ़ गांव निवासी सुरेश बैगा जंगल में लकड़ी लाने एक-दूसरे व्यक्ति के साथ गए थे। तभी झाड़ियों से भालू निकला और सुरेश पर हमला कर दिया। इस दौरान भालू ने सुरेश का पैर पकड़ लिया है। साथ गए दूसरा ग्रामीण यह देखकर भाग गया।
भालू से छुड़ाया पैर
जंगली भालू ने सुरेश का पैर मुंह में दबा लिया था। इस दौरान अपने पास मौजूद डंडे से वह बचाव की कोशिश करते रहे। तभी भालू ने पैर छोड़ दिया। इसके बाद सुरेश वहां से भागे और पास के पेड़ पर चढ़ गए।
पेड़ पर चढ़ने लगा भालू
हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए सरपंच बिसाहूलाल रौतेल ने कहा कि भालू भी पीछा करते हुए पेड़ तक पहुंचा और चढ़ने की कोशिश करने लगा। सुरेश उसे डंडे से नीचे की ओर धकेलते रहे। वह पेड़ पर ही रहे जबकि भालू नीचे था। वह बार-बार उन तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था। यह सब कुछ 20-25 मिनट तक चलता रहा है। इसके बाद भालू जंगल की ओर भाग गया।
सुरेश के पैर में चोटें आईं
इस हमले में सुरेश के पैर में चोटें आई हैं। भालू के चले जाने के बाद वह घर लौटे, जिसके बाद परिवार के लोग उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज चल रहा है। नियम के अनुसार उन्हें गुजारा भत्ता मिल सकता है।



