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वैशाली के राघोपुर में न नाव पलटती और न 13 बच्चों की जान जाती, अगर गांववालों की यह बात सुन लेते

वैशाली: बिहार के वैशाली में बड़ा नाव हादसा हो गया है. वैशाली के राघोपुर में नाव फट गई. इससे उसमें सवार 20 से अधिक बच्चे डूब गए. इनमें से 13 बच्चों के शव अब तक निकाले गए हैं. इस घटना के बाद एक तरफ जहां पूरे गांव और इलाके में चीख पुकार मची हुई है वहीं दूसरी तरफ लोगों में भारी गुस्सा भी है. लोगों का कहना है कि नाव पुराना और जर्जर था और इस को बदलने के लिए ग्रामीणों ने बार-बार आवेदन दिया था. ग्रामीणों का आरोप है कि उनके बार-बार आवेदन देने के बाद भी नाव नहीं बदली गई. इसी का नतीजा है कि इतना दर्दनाक हादसा हुआ है.

अस्पताल में इलाज का इंतजाम नहीं
नाव फटने से हुए इस हादसे ने कई परिवार से उनके बच्चों को छीन लिया. लोग आक्रोशित हैं. लोगों की मांग है कि सीओ पर हत्या का केस दर्ज होना चाहिए. इसके साथ ही लोगों ने बताया कि अस्पताल में एक ही डॉक्टर मौजूद थे और एम्बुलेंस भी नहीं थी. अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटिलेटर की भी सुविधा नहीं थी जिस कारण लोगों ने डीएम का जमकर विरोध किया और डीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. मजबूरन डीएम को वापस लौटना पड़ा. फ़िलहाल सभी शव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रखे गए हैं और लोग शव नहीं उठाने दे रहे हैं.

राघोपुर के रामपुर श्यामचंद गांव में एक जगह भोज खाने जा रहे नाव पर सवार 20 से ज्यादा बच्चे डूब गए. अभी तक 13 बच्चों का शव निकालने की खबर आ रही है. सबसे दुखद बात यह है कि मरने वालों में अधिकांश बच्चे हैं जो नाव पर सवार हो कर भोज खाने जा रहे थे. सामने आया कि नाव फटने से यह हादसा हुआ है.

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है. मृत बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित तमाम नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है. पीएम मोदी और सीएम सम्राट चौधरी ने पीड़ित परिजनों को आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है.

राघोपुर में हुए नाव हादसे के बाद लोगो का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है. आलम यह है कि आक्रोशित लोगों ने पहले प्रशासन का विरोध किया उसके बाद नेता प्रतिपक्ष और राघोपुर के स्थानीय विधायक तेजस्वी यादव पर भी सवाल खड़ा कर रहे है. लोगों ने कहा कि अगर उनके पिता को कुछ हो जाता तो तेजस्वी यादव कहीं होते तो जरूर आते लेकिन अभी तक राघोपुर नहीं आए हैं. लोगो ने बताया कि स्थानीय विधायक होने के नाते इस इलाके के स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेवारी भी उनकी ही है लेकिन इस इलाके में सुविधाओं का अभाव है जिसका खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं.

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