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भारत में गहरा सकता है तेल संकट? हमले के बाद सऊदी आरामको ने भारतीय रिफाइनरियों को कच्चे तेल की आपूर्ति रोकी

नई दिल्ली। सऊदी अरामको ने अपने प्रमुख ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमले के बाद भारतीय रिफाइनरों को कच्चे तेल की सप्लाई अगले आदेश तक रोक दी है। 1,200 किलोमीटर लंबी यह ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन अरब प्रायद्वीप को पार करती है।

गुरुवार को इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ड्रोन हमलों के बाद इसे बंद कर दिया गया। इस महीने सऊदी अरब को अपने पश्चिमी लाल सागर तट पर यमन स्थित हूती विद्रोहियों के ऊर्जा और नागरिक अवसंरचना पर कई हमलों का भी सामना करना पड़ा है।

ईरान समर्थित समूह ने लाल सागर में सऊदी शिपिंग को धमकी दी है, जिससे इस महीने की शुरुआत में लंदन में तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई थीं।

पाइपलाइन बंद होने से तेल बाजार को एक और झटका लगा। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी हमलों के बाद जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो जाने के कारण सऊदी अरब इस साल की शुरुआत में 70 लाख बैरल प्रति दिन क्षमता वाली इस पाइपलाइन का पूरा इस्तेमाल कर रहा था।

हालांकि शुक्रवार को तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। यह लगातार तीसरे सत्र की गिरावट है। सऊदी सप्लाई व्यवधान को लेकर चिंताएं कम होने से पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष की चिंताओं पर भारी पड़ गईं।

ब्रेंट क्रूड वायदा 1.65 डॉलर या 1.6 प्रतिशत गिरकर 103.17 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट वायदा 61 सेंट या 0.6 प्रतिशत गिरकर 101.30 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। ब्रेंट कीमतें तीन हफ्तों में पहली साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रही थीं, जो 1.4 प्रतिशत कम थी।

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