स्वास्थ्य

तालाब की काई से होगा दिमागी बीमारियों का इलाज! रांची के तरुण ने बनाया अनोखा प्रोजेक्ट, जानें कैसे करेगा काम

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के जेवीएम श्यमलि स्कूल के क्लास 9 के छात्र तरुण ने एक प्रोजेक्ट बनाया है. उन्होंने दिमागी बीमारियों को ठीक करने के लिए तालाब के काई, जिसे अंग्रेजी में एलगी कहते हैं. उसमें एक प्रोटीन फेनॉक्स पाया जाता है. इसका इस्तेमाल करके दिमाग के कई सारी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है. आइये जानते हैं इस प्रोजेक्ट के बारे में.

तरुण ने बताया कि यह प्रोटीन दिमाग में कैसे ट्रांसफर किया जाता है. और यह किस तरीके से काम करता है. उन्होंने बताया कि 2026 में मेडिकल के क्षेत्र में इस मॉडल को नोबेल पुरस्कार भी मिला है. वहीं से उन्हें इसे बनाने का आइडिया आया. उन्होंने कहा कि आगे चलकर यह मेडिसिन के क्षेत्र में बहुत बड़ा बदलाव साबित हो सकता है.

इस तरीके से काम करता है यह प्रोटीन

तरुण बताते हैं कि मान लीजिए दिमाग के किसी सेल में कोई स्पेसिफिक बीमारी है, तो यह जो प्रोटीन है फेनॉक्स वह सीधे तौर पर उस ब्रेन के सेल में ट्रांसफर किया जाएगा. यह ट्रांसफर ब्लू और रेड कलर के लाइट के माध्यम से किया जाएगा. क्योंकि यह प्रोटीन इस कलर में काफी सेंसिटिव होते हैं. मतलब जो सटीक सेल में बीमारी है. बस उसी सेल में इसे डाला जाएगा. इसके अलावा जो भी बीमारी है. उसको एकदम सटीक तरीके से ठीक किया जाएगा, हम जो दवाइयां खाते हैं, वह हमारे पूरे शरीर को इफेक्ट करती है. बीमारी तो ठीक करती है, लेकिन पूरे शरीर को भी प्रभावित करती है, लेकिन इस तकनीक से जिस सेल में जो समस्या दिमाग की है. बस उसी का एकदम सटीक तरीके से निवारण किया जाएगा.

इससे होगा सटीक इलाज

तरुण बताते हैं कि इससे किसी भी व्यक्ति का दिमागी प्रॉब्लम या न्यूरो प्रॉब्लम है. मतलब नस की समस्या है, उनके लिए यह काफी कारगर साबित हो सकती है. इससे बीमारी भी बहुत जल्द ठीक होगी और बहुत कम समय में व्यक्ति रिकवर भी कर लेगा. इसे नोबेल पुरस्कार भी मिल चुका है तो आगे चलकर आप इसे आम जिंदगी में भी प्रैक्टिस होते हुए देख सकते हैं.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button