इजरायल में चली जाएगी बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता? एग्जिट पोल में विपक्ष को बढ़त

तेल अवीव। इजरायल में मंगलवार को हुए संसदीय चुनाव के शुरुआती एग्जिट पोल के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गुट के मुकाबले विपक्षी दलों को मामूली बढ़त मिली है। यह चुनाव 7 अक्टूबर 2023 के हमलों के बाद देश का पहला चुनाव है, जिसमें दशकों में सबसे ज्यादा मतदान हुआ।
इजरायली टीवी चैनलों (चैनल 11, 12 और 13) के अनुमान के मुताबिक, पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेंकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी ब्लॉक को 52 से 53 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि नेतन्याहू के ब्लॉक (जिसमें अति-दक्षिणपंथी दल शामिल हैं) को करीब 50 सीटें मिलने का अनुमान है।
नेतन्याहू की लिकुड पार्टी संसद में सबसे बड़ी पार्टी बनी रह सकती है, जिसके पास 24 या 25 सीटें हो सकती हैं। किसी भी पक्ष को स्पष्ट बहुमत (61 सीटें) नहीं मिला है।
ऐसे में गठबंधन बनाने के लिए हफ्तों तक बातचीत चल सकती है। अरब पार्टियों ने अच्छी बढ़त हासिल की है और उन्हें 17 से 18 सीटें मिलने का अनुमान है, जिससे वे अगली संसद में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
नेतन्याहू ने चुनाव दिवस अरब मतदाताओं को लेकर आशंका जताई थी और कहा था कि वे चुनाव में धांधली की कोशिश कर रहे हैं। मतदान प्रतिशत करीब 75 प्रतिशत रहा, जो दशकों में सबसे ऊंचा है।
आइजेंकोट ने एग्जिट पोल को नेतन्याहू और उनकी सरकार के खिलाफ जनता के विश्वास की कमी बताया। विपक्ष ने इसे नेतन्याहू की हार करार दिया। नेतन्याहू देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे हैं और हमास से ईरान तक दुश्मनों से लड़ने के वादे पर चुनाव लड़े थे।



