अंतर्राष्ट्रीय

अमेरिका ने दबोचा ईरान का टेंटुआ, तिलमिलाया तेहरान तेल पर टूटा, अब सबका होगा बंटाधार

ran-US War Update: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े आर्थिक अभियान की तैयारी की है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक अब ईरान पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, जिनका निशाना ईरान के साथ व्यापार करने वाले दूसरे देश और कारोबारी संस्थान होंगे. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इस अभियान को बेहद बड़ा बताते हुए कहा है कि यह किसी विरोधी देश के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक हमला होगा. इसके बारे में पूरी जानकारी आनी अभी बाकी है.

अमेरिका की इस घोषणा के जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने चेतावनी दी है कि अगर आर्थिक युद्ध जारी रहा तो ईरान खाड़ी क्षेत्र से तेल का निर्यात पूरी तरह रोक सकता है. उन्होंने कहा कि ईरान न तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से और न ही फारस की खाड़ी के किसी दूसरे रास्ते से तेल का निर्यात होने देगा. रेजाई ने यह भी चेतावनी दी कि जो देश अमेरिका के आर्थिक अभियान में शामिल होंगे या उसका समर्थन करेंगे, उन्हें ईरान दुश्मन की तरह देखेगा.

अमेरिका के निशाने पर कौन?

अमेरिका ने अभी नए प्रतिबंधों की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. हालांकि बेसेंट ने संकेत दिया है कि उन देशों पर भी दबाव बनाया जाएगा, जो अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान के साथ व्यापार और वित्तीय लेन-देन जारी रखते हैं. उन्होंने ऐसे देशों को चेतावनी दी है कि ईरान के साथ आर्थिक संबंध बनाए रखने के उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. अमेरिका ने चीन से भी ईरान के साथ आर्थिक सहयोग को लेकर सचेत रहने को कहा है जबकि चीन ने जवाब में कहा है कि प्रतिबंध और दबाव समस्या का समाधान नहीं करते और बातचीत के जरिए रास्ता निकालना चाहिए.

ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रही है. लंबे समय से चले आ रहे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से महंगाई, कमजोर मुद्रा, ऊर्जा की कमी और बेरोजगारी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं. इसी बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि उनका देश दुश्मनों के साथ ऑल-आउट जंग लड़ रहा है. उनके मुताबिक यह सिर्फ सैन्य संघर्ष नहीं है बल्कि आर्थिक और सुरक्षा के मोर्चे पर भी ईरान पर दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सरकार जनता के लिए काम कर रही है और आर्थिक परेशानियों को कम करने की कोशिश कर रही है.

वार्ता की क्या है स्थिति?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिकी प्रतिबंधों की नीति को पुराना तरीका बताया है. उनका कहना है कि अमेरिका को ईरान पर दबाव बनाने के बजाय सम्मान के साथ बातचीत करनी चाहिए. इस बीच कतर, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देश दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं. पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर के तेहरान जाने की भी जानकारी सामने आई है. हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच कई हफ्तों से कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button