डायबिटीज को 2 सिंपल स्टेप से कर सकते हैं रिवर्स, साइलेंट किलर से बचने के लिए आजमाएं एक्सपर्ट के बताए उपाय

डायबिटीज एक साइलेंट किलर है, जिससे दुनिया भर में करीब 830 मिलियन लोग जूझ रहे हैं। अगर इसे मैनेज न किया जाए तो कई तरह की जटिलताएं जन्म ले सकती हैं। हालांकि आप सिंपल दो स्टेप्स से ही इस स्थिति को रिवर्स कर सकते हैं। आइए जानते हैं न्यूट्रिशनिस्ट के बताए असरदार उपाय के बारे में।
डायबिटीज दुनिया भर में एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। WHO की रिपोर्ट की मानें तो हाई ब्लड शुगर से पीड़ित मरीजों की संख्या 1990 में 200 मिलियन से बढ़कर 2022 में 830 मिलियन हो चुकी है।
भारत में भी डायबिटीज एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। देश में लगभग 77 मिलियन लोग डायबिटीक और 25 मिलियन लोग प्री-डायबिटिक हैं। और क्या आप जानते हैं देश में मौजूद शुगर रोगियों की अधिक संख्या के चलते भारत को विश्व की डायबिटीज कैपिटल भी कहा जाता है?
कुछ अध्ययनों में तो ये भी दावा किया गया है कि 2045 तक भारत में 135 मिलियन से अधिक लोग डायबिटीज से जूझ रहे होंगे। लेकिन इस बीच सबसे अच्छी बात पता है क्या है? कि आप इस बीमारी को रिवर्स कर सकते हैं। आइए जानते हैं डायबिटीज को रिवर्स करने के लिए क्या करें।
देश में डायबिटीज के पेशेंट्स लगातार बढ़ रहे हैं। यहां अधिकांश परिवारों में कम से कम एक व्यक्ति डायबिटीज से पीड़ित है। WHO की एक रिपोर्ट (ref) में बताया गया है कि एक अनुमान के मुताबिक, भारत में 18 साल से अधिक आयु के 77 मिलियन लोग टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित हैं और लगभग 25 मिलियन प्रीडायबिटीज के शिकार हैं। यहां तक कि वैज्ञानिकों की तरफ से ये भी दावा किया जा रहा है कि 2045 तक भारत में 135 मिलियन से अधिक शुगर के मरीज होंगे।
डायबिटीज की समस्या को कैसे रिवर्स करना है ये जानने से पहले हम उन संकेतों के बारे में बात करते हैं, जो आपको जल्दी डायबिटीज के बारे में पता लगाने में मदद करते हैं। दरअसल, जब आप जल्दी डायबिटीज का निदान कर लेते हैं तो इससे इसे मैनेज और कंट्रोल करना आसान हो जाता है। बताते चलें कि टाइप 2 डायबिटीज में आमतौर पर शुरुआती फेज में कोई लक्षण नहीं दिखते हैं, ऐसे में जब तक शरीर में कुछ समस्याएं जन्म न ले लें तब तक इसके बारे में पता नहीं चल पाता, लेकिन आप शरीर में होने वाले कुछ बदलावों पर नजर रखकर डायबिटीज का जल्द निदान करने में सफल हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं:
स्किन टैग
गर्दन के आसपास या अंडरआर्म की स्किन का रंग काला पड़ना
बैली फैट
ढीली भुजाएं और गर्दन के पीछे एक कूबड़ निकलना
बार-बार भूख लगना
लगातार शुगर क्रेविंग्स होना
पैरों या हाथों में झुनझुनी होना
आपकी कमर का आपकी हाइट के आधे से अधिक होना आदि।



