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दिल्ली में 10 जनवरी से शुरू होगा वर्ल्ड बुक फेयर, 35 देश लेंगे हिस्सा

नई दिल्ली: 10 जनवरी से शुरू होने जा रहा 53वां नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर भारतीय सेना के 75 साल के गौरवमयी सैन्य इतिहास को समर्पित होगा। सैन्य योगदान के साथ ही देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े सेना के महत्वपूर्ण पहलुओं के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। इस मेले में पहली बार कई कदम उठाए जा रहे हैं।

बुक फेयर में फ्री होगी एंट्री

प्रगति मैदान (भारत मंडपम) में 15 तारीख तक होने वाले इस मेले में कतर विशिष्ट अतिथि और स्पेन फोकस देश के रूप में शामिल होगा। मेले के आयोजक नैशनल बुक ट्रस्ट के डायरेक्टर युवराज मलिक ने बताया कि पुस्तक प्रेमियों के साथ समाज के अन्य लोगों को भी मेला में होने वाले 600 से अधिक कार्यक्रमों में जोड़ना है, विशेषकर युवा वर्ग को पुस्तकें पढ़ने के कल्चर से जोड़ने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसलिए मेले के लिए कोई एंट्री टिकट खरीदना नहीं पड़ेगा। मेले की हर गतिविधियों में पुस्तक प्रेमी फ्री में शामिल हो सकते हैं।

यह भी पहली बार

किताब पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पहली बार विदेशों में बुक फेयर आयोजित करने वाली विदेशी सरकारी एजेंसियों के डायरेक्टर व बड़े पदाधिकारी नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर में आएंगे। बुक फेयर में रूस, यूएई, सऊदी अरब, ईरान, जापान, पोलैंड, अर्जेंटीना, लिथुआनिया, ईरान, जापान और डोमिनिकन गणराज्य सहित 35 देश भाग ले रहे हैं। इस दौरान विदेशी पुस्तकों का विमोचन और सेमिनार भी होंगे। बहुभाषी कविता पाठ और ‘कविता रात्रि’ का आयोजन होगा।

ऑपरेशन सिंदूर की देखने मिलेगी झलक

शौर्य और बुद्धिमत्ता @75′ का करीब 1,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का यह स्थान भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के साहस, बुद्धिमत्ता और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को समर्पित रहेगा। इसमें पुस्तकें, प्रदर्शनियां, फिल्में और इंटरैक्टिव कहानियों से 1947 से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक के सेना के योगदान को दर्शाया जाएगा। 21 परमवीर चक्र पुरस्कार विजेताओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

बच्चों का मंडप

करीब 750 वर्ग मीटर में किड्ज एक्सप्रेस में कहानी सुनाने, रंगमंच, वैदिक गणित, कार्टून बनाने और बुक डिजाइनिंग पर रचनात्मक वर्कशॉप होंगी। कला और शिल्प, मिट्टी के बर्तन बनाना, लोक कला और सेल्फी जोन जैसे रचनात्मकता क्षेत्र, बाल लेखकों की बैठकें और अंतरराष्ट्रीय लेखकों के साथ संवाद जैसे कार्यक्रम होंगे।

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