महाराष्ट्र

क्या MVA में शामिल होगी राज ठाकरे की मनसे? देशमुख के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ी हलचल

Raj Thackeray MNS News: महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब सभी की नजरें स्थानीय निकाय चुनावों पर टिकी हैं। इनमें मुंबई महानगर पालिका के चुनावों को बेहद अहम माना जा रहा है। कांग्रेस के नेता पृथ्वीराज चव्हाण के बाद अब शरद गुट नेता ने संकेत दिए हैं कि मनसे को एमवीए से जुड़ाव हो सकता है।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में दो दशक के बाद ठाकरे ब्रदर्स ने एक महीने वर्ली में एक साथ मंच पर आए थे, इसके बाद राज ठाकरे उद्धव ठाकरे के जन्मदिन पर मातोश्री पहुंचे थे। हालांकि अभी तक दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है, लेकिन महाराष्ट्र में शरद पवार गुट के नेता और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कि दोनों ठाकरे ब्रदर्स (राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे) में गठबंधन जल्द हो जाएगा। उन्होंने अपने बयान में कहा कि महाविकास आघाड़ी मिलकर मुंबई चुनाव में उतरेगा। ऐसे में अटकलें शुरू हो गई हैं कि क्या राज ठाकरे की अगुवाई वाली मनसे एमवीए यानी महाविकास आघाड़ी का हिस्सा बनेगी। देश्मुख ने अपने बयान से राजनीति को गरमा दिया है। गौरतलब हो कि कुछ दिन पहले राज ठाकरे ने रायगढ़ में एक ऐसे मंच को साझा किया था। जिस पर राष्ट्रवादी कांंग्रेस पार्टी (एसपी), यूबीटी और दूसरे दलों के नेता मौजूद थे।

क्या फॉर्मूला निकालेंगे उद्धव?
देशमुख का बयान ऐसे वक्त पर आया है जब उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी की राज ठाकरे की मनसे के नजदीकी के बाद भी इंडिया अलायंस में मौजूदगी है। उद्धव ठाकरे इसी हफ्ते होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक के दिल्ली भी जाने वाले हैं। संजय राउत इसका ऐलान कर चुके हैं। ऐसे में चर्चा इस बात की है कि क्या उद्धव ठाकरे इंडिया अलायंस में रहते हुए अपने भाई राज ठाकरे के साथ गठबंधन करेंगे और कोई नया फॉर्मूला निकालेंगे, क्योंकि अनिल देशमुख ने दावा किया बीएमसी चुनावों में ठाकरे ब्रदर्स की जीत होगी। नागपुर में अनिल देशमुख ने कहा कि पूरे महाराष्ट्र का ध्यान मुंबई महानगरपालिका पर है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने जो मुद्दा उठाया है। उससे ये दोनों भाई मुंबई महानगरपालिका (BMC) पर 100 प्रतिशत कब्ज़ा जमा सकते हैं। महाविकास अघाड़ी को लेकर हमारी और कांग्रेस की क्या भूमिका है? इस पर भविष्य में चर्चा होगी।

महायुति में रह चुकी है मनसे
राज ठाकरे की अगुवाई वाली मनसे ने लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी को तीसरी बार पीएम बनाने के लिए बीजेपी को बिना शर्त समर्थन दिया था, हालांकि लोकसभा चुनावों में पार्टी मैदान में नहीं उतरी थी, लेकिन विधानसभा चुनावों में राह अलग हो गई थी। माहिम से बेटे की हार और एक भी सीट नहीं जीत पाने पर राज ठाकरे अपने भाई उद्धव ठाकरे के नजदीक आ गए थे। मराठी और महाराष्ट्र के हित के नाम पर दोनों भाईयों ने मंच साझा किया था। अनिल देशमुख ने अब दावा किया है कि मुंबई महानगरपालिका पर 100 प्रतिशत महाविकास अघाड़ी सत्ता में रहेगी। हम सभी नेता एक साथ बैठकर मुंबई महानगरपालिका चुनावों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने यह भी महत्वपूर्ण जानकारी दी कि महा विकास अघाड़ी मुंबई महानगरपालिका चुनाव साथ मिलकर लड़ेगी, इसलिए सभी को एक ही भूमिका का एहसास हो रहा है। देशमुख ने यह भी कहा कि यह बहुत खुशी की बात है। दोनों भाई साथ आ गए हैं। इसीलिए सत्ताधारी दल में बेचैनी है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों भाइयों के साथ आने का असर मुंबई महानगरपालिका चुनाव के साथ-साथ पूरे महाराष्ट्र पर भी पड़ेगा।

हिंदी-मराठी विवाद भी बोले
अनिल देशमुख ने हिंदी-मराठी विवाद पर भी टिप्पणी की है। महाराष्ट्र में हिंदी का कोई विरोध नहीं है। लेकिन महाराष्ट्र में मराठी बोलनी चाहिए। जो नहीं बोल सकते, उन्हें समझौता नहीं करना चाहिए। उन्हें यह नहीं कहना चाहिए कि मैं मराठी में बात नहीं करूंगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मारपीट की घटनाएं समझौते के कारण ही हुईं। देशमुख का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब कांग्रेस के वरिष्ठ ननेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दोनों ठाकरे बंधुओं के गठबंधन पर बात करते हुए कहा था कि शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ आ गई हैं। उन्होंने कहा था कि अगर ये तीनों घटक दल राज्य में किसी के साथ उप-गठबंधन बनाना चाहते हैं, तो यह उनका अधिकार है।

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